बदायूं। विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट की कोर्ट ने बृहस्पतिवार को चरस तस्करी के मामले में एक आरोपी को दोषी करार दिया है। दोषसिद्ध आरोपी को दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, कोतवाली सहसवान के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक राजपाल सिंह को मुखबिर ने सूचना दी थी कि एक व्यक्ति सहसवान में कछला रोड से गैस गोदाम के पास आ रहा है। उस व्यक्ति के पास चरस है। प्रभारी निरीक्षक ने पुलिस टीम के मौके पर जाकर उस व्यक्ति को रोककर तलाशी ली। उसने अपना नाम संजय शर्मा थाना इस्लामनगर बताया।
उसके पास से थैली में एक किलो चरस बरामद हुई। संजय शर्मा ने पुलिस को यह भी बताया कि उसके घर पर करीब तीन किलो चरस और रखी है। प्रभारी निरीक्षक पुलिस टीम व आरोपी संजय शर्मा को लेकर उसके घर पहुंचे। जहां घर से संजय शर्मा की मां पार्वती देवी और रिश्ते के मामा राम प्रसाद पुत्र बाबूराम निवासी लोकरिहा थाना जोगापट्टी जिला मोतीहार बिहार हाल निवासी मोहल्ला मठिया कस्बा व थाना इस्लामनगर से डेढ़-डेढ़ किलो चरस बरामद हुई।
तब पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। पुलिस ने सभी साक्ष्यों को संकलित करके सभी के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। आरोपी संजय शर्मा और उसकी मां पार्वती देवी को पूर्व में न्यायालय द्वारा सजा सुनाई जा चुकी है। तब से मामला न्यायालय में विचाराधीन था। बृहस्पतिवार को विशेष न्यायाधीश ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने बहस सुनने के बाद आरोपी राम प्रसाद को दोषी ठहराते हुए दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।