बदायूं। शासन ने बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते डीबीटी प्रणाली में बदलाव किया है। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को अब समय से डीबीटी के माध्यम से राशि मिल सकेगी। अब छात्र-छात्राओं को आधार कार्ड न होने पर भी दिक्कत नहीं होगी। ऐसे में अभिभावक के आधार कार्ड के आधार पर ही इनको योजना का लाभ दिया जाएगा।
शिक्षा विभाग के अनुसार, नई व्यवस्था लागू होने से जिले के लगभग 26,122 छात्र-छात्राओं को राहत मिलेगी। जो अब तक आधार कार्ड न होने की वजह से इस योजना का लाभ पाने से वंचित रह गए थे। शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अब तक जिले के 2,16,652 बच्चों को यूनिफार्म, जूते-मोजे और बैग के लिए डीबीटी की राशि दी जा चुकी है, लेकिन जिन बच्चों का आधार नहीं था, उनका भुगतान अटक गया था।
शासन के नए निर्देशों से अब डीबीटी की प्रक्रिया और सरल हो जाएगी। इससे न केवल छात्र-छात्राओं को समय पर राशि प्राप्त होगी, बल्कि स्कूलों में यूनिफार्म से जुड़ी समस्याएं भी खत्म होंगी। इससे अब बच्चों की पढ़ाई और उनकी आवश्यक सामग्री में कोई बाधा नहीं आएगी।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि शासन का उद्देश्य है कि कोई भी बच्चा किसी तकनीकी कारण से योजना के लाभ से वंचित न रह जाए। अब सभी बच्चों को समय पर डीबीटी की राशि मिल सकेगी। इससे वे स्कूल ड्रेस सहित अन्य आवश्यक वस्तुएं आसानी से खरीद सकेंगे। इस निर्णय से न केवल बच्चों को राहत मिली है बल्कि शिक्षकों और अभिभावकों दोनों को प्रशासनिक झंझटों से भी मुक्ति मिलेगी।