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बदलाव : 93 सदस्यीय नई कार्यकारिणी के गठन की तैयारी

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बदायूं। आगामी विधानसभा और पंचायत चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी ने जिला संगठन को धार देने की कवायद तेज कर दी है। करीब सात वर्षों के लंबे अंतराल के बाद भाजपा जिला कार्यकारिणी में व्यापक विस्तार और फेरबदल की सुगबुगाहट ने सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। प्रदेश नेतृत्व के स्पष्ट निर्देशों के बाद संगठनात्मक पुनर्गठन की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो चुकी है। ओबीसी, एससी, सर्वण समेत सभी प्रमुख जातियों को संगठन में साधने का प्रयास हो रहा है। साथ ही महिलाओं को 33 प्रतिशत भागीदारी देने की तैयारी है।
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पार्टी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, इस बार संगठन विस्तार केवल औपचारिक बदलाव तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सामाजिक, जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को साधते हुए एक प्रभावी व चुनावी दृष्टि से मजबूत टीम तैयार की जाएगी। पार्टी का फोकस बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय और परिणामदायी बनाने पर है।

बताया जा रहा है कि वर्तमान जिला कार्यकारिणी के कई पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव संभावित है, वहीं कुछ चेहरों की छुट्टी भी तय मानी जा रही है। इसके साथ ही जिले के सभी विधायक अपने-अपने क्षेत्रों के सक्रिय कार्यकर्ताओं को संगठन में स्थान दिलाने के प्रयास में जुटे हैं। हालांकि शीर्ष नेतृत्व इस बात को लेकर सतर्क है कि विस्तार के दौरान किसी भी स्तर पर असंतोष की स्थिति न बने।
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जिले के संगठन विस्तार प्रभारी एवं पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने रविवार को जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता समेत समस्त पदाधिकारियों के साथ बैठक कर विस्तार की रणनीति पर गहन मंथन किया। बैठक में स्पष्ट किया गया कि संगठन के प्रति निष्ठा, सक्रियता, सामाजिक स्वीकार्यता और चुनावी उपयोगिता को प्राथमिक मानक बनाया जाएगा। (संवाद)

सभी जातियों की रहेगी भागीदारी
कुल सदस्य 93, प्रमुख पदों में 3 महामंत्री, 8 उपाध्यक्ष, 8 मंत्री, 1 कोषाध्यक्ष , शेष कार्यकारिणी सदस्य रहेंगे। इनमें 33 प्रतिशत महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने के साथ ही, सभी प्रमुख जातीय वर्गों की भागीदारी, जमीनी और सक्रिय कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता, क्षेत्रीय संतुलन पर विशेष ध्यान देने की तैयारी है।

अनुभव और युवा ऊर्जा का संतुलन साधने की कोशिश
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा का यह संगठनात्मक पुनर्गठन जिले की आगामी चुनावी तस्वीर को प्रभावित कर सकता है। नई कार्यकारिणी में अनुभव और युवा ऊर्जा का संतुलन किस तरह साधा जाता है, यह देखने वाली बात होगी। फिलहाल पार्टी खेमे में संभावित नामों को लेकर चर्चा तेज है और संगठन विस्तार को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्सुकता चरम पर है।
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