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सीईओ ने गांव लौटकर दी टीकाकरण को धार, 90 फीसदी ने कराया वैक्सीनेशन

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सैदपुर। जहां एक ओर गांवों में कोरोना टीकाकरण पिछड़ रहा है वहीं दूसरी ओर ऐसे भी गांव हैं जहां ग्रामीण टीकाकरण को लेकर जागरूक हैं। ऐसा ही एक गांव वजीरगंज ब्लॉक का अमरोली है। गांव में वयस्क टीकाकरण में करीब 90 फीसदी लोग टीका लगवा चुके हैं। ग्रामीणों को नोएडा की एक रियल स्टेट कंपनी के सीईओ ने टीकाकरण के लिए प्रेरित किया है।
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ब्लॉक वजीरगंज की ग्राम पंचायत कुर्वी के मजरा अमरोली में अब तक करीब 90 फीसदी लोग टीका लगवा चुके हैं। गांव की साक्षरता दर की बात करें तो यहां 80 फीसदी से ज्यादा लोग शिक्षित और कई उच्च शिक्षित हैं। वैसे तो गांव के लोगों का मुख्य पेशा कृषि है, लेकिन क्षत्रिय बिरादरी बाहुल्य इस गांव के ज्यादातर घरों के लोग सेना और पुलिस में कार्यरत हैं। काफी संख्या में सेवानिवृत्त लोग भी हैं। इसी गांव के रहने वाले राजीव कुमार सिंह नोएडा की एक रियल एस्टेट कंपनी के सीईओ हैं। राजीव कुमार सिंह के माता-पिता गांव में ही रहते हैं। इसलिए राजीव का गांव से लगातार जुड़ाव रहता है।
कोरोना टीकाकरण शुरू होने के बाद से ही वह गांववालों को टीकाकरण के लिए प्रेरित करने में जुट गए। समय-समय पर गांव आना और युवाओं की टीम बनाकर लोगों को प्रेरित करते रहे। इसका नतीजा यह है कि गांव में अब तक करीब 90 फीसदी लोग टीका लगवा चुके हैं। अमरोली की आबादी करीब 700 है। कुर्वी ग्राम पंचायत के इस मजरे में 380 लोग हैं जो टीकाकरण के लिए पात्र हैं। इनमें 45 वर्ष से अधिक आयु के करीब 133 लोग हैं, जिनमें 114 टीका लगवा चुके हैं। इनमें भी 60 वर्ष से अधिक आयु के 38 लोग ऐसे हैं जिन्होंने दूसरा टीका भी लगवा लिया है। इसके अलावा गांव में करीब 247 लोग 18 वर्ष से 22 वर्ष के बीच हैं। इनमें से भी कुछ ने स्लॉट बुक कराकर बदायूं व अन्य स्थानों पर टीका लगवा लिया है। बाकी इस इंतजार में हैं कि उनके गांव में युवाओं का टीकाकरण कैंप लगे तो वह यहीं टीका लगवा लें। ग्रामीणों का कहना है कि टीकाकरण के लिए युवाओं में उत्साह है। ज्यादातर युवाओं ने टीकाकरण के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करा दिया है।
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कोरोना से बचने के लिए टीकाकरण बेहद जरूरी है। टीकाकरण शुरू होने और गांवों में टीकाकरण की गति काफी धीमी होने के बारे में पता लगने पर मैने गांव के लोगों से संपर्क किया। गांव आया और युवाओं टीमें बनाकर ग्रामीणों को टीकाकरण के लिए जागरूक करना शुरू कर दिया। इसका नतीजा है कि गांव में 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 90 फीसदी से ज्यादा लोग टीका लगवा चुके हैं। दूसरे गांवों में लोगों को टीकाकरण के प्रति जागरूक होना होगा। वहां के पढ़े लिखे लोगों को आगे आना पड़ेगा।
- राजीव कुमार सिंह, सीईओ, रियल स्टेट कंपनी
गांव के लोग टीकाकरण के लिए जागरूक हैं। अभी 18 वर्ष से 45 वर्ष के युवाओं का टीकाकरण शुरू नहीं हुआ है। ज्यादातर युवाओं ने टीकाकरण के लिए पंजीकरण करा दिया है। अन्य गांवों के लोगों को भी टीकाकरण के लिए जागरूक होना होगा। अच्छे टीकाकरण के लिए अधिकारी जब अमरोली की प्रशंसा करते हैं तो अच्छा लगता है। सीईओ राजीव कुमार सिंह के जागरूकता अभियान के कारण यह संभव हो सका है।
- ठाकुर रणवीर सिंह, ग्रामीण
अमरोली गांव में टीकाकरण की स्थिति लगभग सबसे बेहतर है। आयु वर्ग की बात करें तो यहां 45 वर्ष से अधिक आयु के 90 फीसदी से ज्यादा लोग टीका लगवा चुके हैं। गांव के युवाओं ने भी काफी संख्या में पंजीकरण कराया है। अब तक गांव में कोई टीकाकरण अभियान नहीं चलाया गया है। यहां के लोग खुद टीकाकरण केंद्रों पर पहुंच रहे हैं।
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- डॉ. फिरासत हुसैन, एमओआईसी सैदपुर
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