खेत और खलिहान में परिश्रम करके आर्थिक संपन्नता की ओर बढ़ रहे फतेहपुर-निजामपुर के ग्रामीणों के लिए गांव में यूं तो मूलभूत सुविधाओं की कोई खास कमी नहीं है लेकिन सड़कों को लेकर सुविधा उस स्तर की नहीं मिल पाई जिसकी एक लंबे समय से जरूरत थी। करीब डेढ़ हजार मीटर लंबे खड़ंजे में आधे से अधिक रोड सीमेंटेड हो जाए तो एक ग्राम पंचायत से जुड़े दोनों गांव चमक उठेंगे।
करीब डेढ़ हजार वोटर संख्या वाली ग्राम पंचायत फतेहपुर-निजामपुर की आबादी तीन हजार से अधिक है। पेयजल के लिए दोनों गांवों में इंडिया मार्का हैंडपंप तो लगे हैं लेकिन आबादी के हिसाब से एक दर्जन हैंडपंपों की आवश्यकता बताते हुए प्रधान राजपाल यादव का कहना है कि ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल मुहैया कराने के लिए ग्राम पंचायत की ओर से ब्लॉक स्तर पर डिमांड भी की जा चुकी है। निजामपुर के मुकाबले फतेहपुर में सीमेंटेड सड़कों के निर्माण के लिए प्रस्ताव ब्लॉक स्तर पर लंबित है। प्रस्ताव में करीब छह सौ मीटर सीमेंटेड सड़क शामिल है। शौचालय आधे से ज्यादा घरों में नहीं हैं। ओडीएफ के तहत ग्रामीणों को हाल ही में 50 शौचालय का अनुदान प्राप्त हो चुका है। इसके बाद 50-60 गृहस्वामियों को अनुदान और मिल जाए तो दोनों गांव की किसी भी महिला और बालिका को खुले में शौच के लिए जाना नहीं पड़ेगा।
प्रधान राजपाल यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास और पेंशन योजना के लाभ के लिए पात्रों के नाम भी अफसरों तक पहुंचा दिए गए हैं। विधवा, वृद्धावस्था और दिव्यांग पेंशन पाने के लिए फेहरिस्त में सौ से अधिक महिलाओं-पुरुषों के नाम शामिल हैं। जॉबकार्ड बनवाने के लिए भी मनरेगा के कोआर्डिनेटर के संज्ञान में पूरा मामला है। राशन कार्ड बनवाने के लिए सप्लाई विभाग के कर्मचारी सर्वे का काम पूरा कर चुके हैं। अभिलेखीय औपचारिकता पूरी हो जाने के बाद करीब दो सौ नए कार्ड बन जाएंगे। सबसे अहम बात यह कि बारातघर और पंचायतघर बनने के बाद गांव में सामुदायिक केंद्र के निर्माण के लिए प्रस्ताव एक साल से फाइलों में कैद पड़ा हुआ है। प्रधान का कहना है कि फतेहपुर-निजामपुर ग्राम पंचायत इसके बाद ब्लॉक क्षेत्र की आदर्श ग्राम पंचायत के रूप में पहचान कायम कर लेगी।
सूरते हाल
आबादी- 3200
वोटर- 1450
परिवार- 200
शौचालय- 210
सड़कें
सीसी- 1100 मीटर
इंटरलॉकिंग- 00
खड़ंजा- 1500 मीटर
लाभार्थी
प्रधानमंत्री आवास- 35
वृद्धावस्था पेंशन- 60
विधवा पेंशन- 15
दिव्यांग पेंशन-10
ग्राम पंचायत के दोनों गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए उन्होंने पिछले दिनों सांसद और विधायक निधि से धन की मांग की थी। जिला पंचायत भी विकास कार्यों में सहयोग कर सकती है। फिर ग्राम निधि में जो धन आता है, उसका सदुपयोग जरूरत के हिसाब से कर दिया जाता है। -राजपाल सिंह यादव, प्रधान।