शोभायात्रा शहर के मोहल्ला पंजाबी स्थित रघुनाथ मंदिर से श्रीराम वानर सेना को लेकर चले। वहां से विभिन्न रास्तों से होते हुए गांधी ग्राउंड स्थित रामलीला मैदान पर पहुंची। यहां पर युद्ध का मंचन होने के बाद डीएम शंभूनाथ और एसएसपी सौमित्र यादव ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम, उनके भाई लक्ष्मण और परम भक्त हनुमान के स्वरूपों की आरती उतारी। उन्होंने कहा कि दशहरा असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक त्योहार है। इस मौके पर एडीएम प्रशासन अशोक श्रीवास्तव, सिटी मजिस्ट्रेट एके श्रीवास्तव, मेला कमेटी अध्यक्ष अजीत वैश्य, मंत्री अरविंद कांत आदि तमाम लोग मौजूद रहे।
रावण की अस्थियां लूटने को मची भगदड़
भगवान राम के द्वारा रावण का वध हो जाने के बाद उसके पुतले में आग लगा दी गई। पुतले में आग लगते ही रावण के पुतले में लगाई गईं बांस रूपी अस्थियों को घर ले जाने के लिए तमाम श्रद्धालुओं ने दौड़ लगा दी। अस्थियों को लेकर वहां पर छीनाझपटी मच गई। इससे वहां पर भगदड़ मच गई। हालांकि कोई गंभीर चोटिल तो नहीं हुआ लेकिन कई श्रद्धालुओं को मामूली चोटें आईं।