फैजगंज बेहटा और बिसौली कोतवाली पुलिस कर रही है विवेचना
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। यदु शुगर मिल मालिक, अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज दो मुकदमों में अब तक किसी अन्य व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं हुई है। अब पुलिस की विवेचना को भी प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस के अनुसार, यदु शुगर मिल में जो सीसीटीवी कैमरे लगे थे, उन्हें हटा दिया गया है। जब पुलिस पहुंची तो सीसीटीवी कैमरे नहीं मिले।
फैजगंज बेहटा थाना पुलिस ने छह जनवरी की रात ओरछी चौराहे से तीन बिचौलियों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से 38.44 लाख रुपये बरामद हुए थे। पकड़े गए अविनाश सिंह, शिखर अग्निहोत्री और रजत चौधरी ने कबूल किया था कि वह सीधे किसानों से बिना पर्ची पर गन्ना खरीद करते थे और उसे यदु शुगर मिल में सप्लाई करते थे। इसके लिए उन्हें चीनी मिल की ओर से रुपये दिए थे।
फैजगंज बेहटा पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर दूसरे दिन उन्हें जेल भेज दिया था। जानकारी पर कमिश्नर सौम्या अग्रवाल ने सात जनवरी को एक कमेटी बनाकर चीनी मिल भेजा था। इस कमेटी की जांच में पूरा घोटाला निकलकर सामने आया था। इस पर 10 जनवरी को सहकारी गन्ना विकास समिति के सचिव राजीव कुमार सिंह की ओर से चीनी मिल के एमडी एवं मालिक कुणाल यादव, अध्यासी सुरेश चंद्र जौहरी और जीएम विजय कुशवाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। तब से फैजगंज बेहटा और कोतवाली बिसौली पुलिस अपने-अपने मुकदमों की विवेचना कर रही है।
बताया जा रहा है कि जब एफआईआर दर्ज होने के दौरान पुलिस चीनी मिल पहुंची थी, तब मिल में सीसीटीवी कैमरे लगे थे लेकिन जब बाद में पुलिस दोबारा चीनी मिल गई तो एक भी सीसीटीवी कैमरा नहीं मिला और न ही वहां डीवीआर रखी पाई गई। इससे माना जा रहा है कि सच्चाई छिपाने को जानबूझकर चीनी मिल से कैमरे और डीवीआर गायब कर दी गई।
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मिल में सीसीटीवी कैमरे नहीं मिलने की सूचना मिली है। फैजगंज बेहटा और बिसौली कोतवाली में दर्ज दोनों मुकदमों की विवेचना चल रही है। इसमें साक्ष्य संकलन किए जा रहे हैं। उनके आधार पर दोनों मामलों में कार्रवाई की जाएगी। सीसीटीवी नहीं मिलने की भी जांच कराई जाएगी।
- राम मोहन सिंह, एसपी देहात