माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट की ओर से तीन दिन चले मूल्यांकन बहिष्कार के बाद भी जारी रहे चेतनारायण गुट का बहिष्कार भी शिक्षामंत्री से वार्ता के दौरान मिले आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। एक दर्जन से अधिक मांगों में सीबीएसई बोर्ड के समान पारिश्रमिक दिए जाने के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया गया। शिक्षकों ने कहा कि वह बुधवार से मूल्यांकन कार्य करेंगे।
मांगों को लेकर इस बार प्रांतीय आह्वान पर माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट, माध्यमिक शिक्षक संघ चेतनारायण गुट तथा वित्तविहीन शिक्षक संघ, प्रधानाचार्य परिषद का धरना-प्रदर्शन जारी रहा। इसमें शर्मा गुट का बहिष्कार तीन दिन में समाप्त हो गया, लेकिन चेतनारायण गुट का बहिष्कार जारी रहा। वहीं पांच अप्रैल को शिक्षामंत्री से वार्ता के उपरांत बहिष्कार समाप्त कर दिया गया। जिला संरक्षक रजनीश कुमार सिंह ने बताया कि पूर्व शिक्षक विधायक रामबाबू शास्त्री से दूरभाष पर हुई वार्ता के अनुसार शिक्षकों की लंबित मांगों को मान लिया गया है। जल्द ही इन्हें पूरा कराने का आश्वासन दिया गया। बताया कि इसमें तदर्थ शिक्षकों एवं प्रधानाचार्यों के विनियमितिकरण किए जाने का निर्णय, वित्तविहीन शिक्षकों की सेवा का परीक्षण कर छह माह के अंदर उचित मानदेय की व्यवस्था पर सहमति, बोर्ड परीक्षा की हाईस्कूल की उत्तर पुस्तिकाओं के दो तथा इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का पारिश्रमिक सात से बढ़ाकर दस करने, व्यवसायिक शिक्षकों को शिक्षक का दर्जा देना आदि प्रमुख मांगों को रखा गया था।
जिलाध्यक्ष धनपाल सिंह ने कहा कि सभी शिक्षक आठ अप्रैल से मूल्यांकन कार्य करेंगे। बता दें कि इसमें प्रधानाचार्य परिषद का भी बहिष्कार समाप्त हो चुका था। राजपाल सिंह, डॉ. योगेश चंद्र त्रिपाठी, डॉ. योगेंद्र पाल मौर्य, रणवीर सिंह, उमेश सिंह, आलोक रस्तोगी, मनोज सक्सेना, बाल किशन, हृदेश आदि मौजूद रहे।
वित्तविहीन शिक्षकों का भी बहिष्कार खत्म
लंबित मांगों को पूरा करने के आश्वासन उपरांत वित्तविहीन शिक्षकों ने भी मूल्यांकन का बहिष्कार खत्म कर दिया। जिलाध्यक्ष नीरज कुमार ने बताया कि सभी शिक्षकों से मूल्यांकन कार्य करने की अपील की गई है। इस मौके पर मनोज सक्सेना, अखिलेश मिश्रा, गोपाल शर्मा, अर्जुन, अवनेश, ऋषिपाल, भगवान दास, भंवरपाल, अतुल सक्सेना, अमित, विनय, राजेंद्र, शिवम्, सत्यपाल आदि मौजूद रहे।