राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत जिले में 2011 में हुआ करीब 30 लाख रुपये का घोटाला ट्रेस हो गया है। यह आंकड़ा एक साल का है। घोटाला जिले की 18 सीएचसी और पीएचसी में हुआ था। घोटाला ट्रेस होने के बाद जांच एजेंसी ने जांच के दायरे में आए स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाया है। 19 से 23 दिसंबर तक स्वास्थ्य विभाग के 26 अधिकारियों और कर्मचारियों से देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी देहरादून स्थित मुख्यालय में पूछताछ करेगी।
स्वास्थ्य विभाग में एनआरएचएम के तहत वर्ष 2011 में करोड़ों रुपये का घोटाला सामने आया था। इसकी जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। जांच के दौरान पता लगा कि घोटाला बदायूं में भी हुआ है। सूत्रों की मानें तो बदायूं में जांच एजेंसी ने 30 लाख रुपये का घोटाला ट्रेस कर लिया है। यह घोटाला जिले की 18 सीएचसी और पीएचसी में हुआ था। इनमें तीन सीएचसी गुन्नौर, रजपुरा और जुनावाई अब संभल जिले में हैं। गुन्नौर को नव सृजित जिले में शामिल कर लिया गया था। पड़ताल के दौरान पता लगा है कि एनआरएचएम के तहत खरीददारी कर जो दवाएं और उपकरण सीएचसी-पीएचसी को भेजे गए थे। उनको वहां रिसीव तो किया गया लेकिन, इसके बाद यह सामान कहां गया, इसका कोई रिकार्ड नहीं है। गौर करने वाली बात यह है कि सभी सामान जिला मुख्यालय से सरकारी गाड़ी से सीएचसी-पीएचसी को भेजा गया था। यह सामान जिन स्वास्थ्य कर्मचारियों ने सीएचसी-पीएचसी पर रिसीव किया वह सभी सीबीआई की जांच के दायरे में हैं। सीबीआई पूछताछ के लिए अब तक ऐसे 26 अधिकारियों और कर्मचारियों को तलब कर चुकी है।
संभल के भी कई स्वास्थ्य कर्मियों से होगी पूछताछ
बदायूं। संभल जिले की गुन्नौर तहसील के गुन्नौर, रजपुरा, जुनावाई सीएचसी के कई स्वास्थ्य कर्मचारियों से भी सीबीआई पूछताछ करेगी। घोटाला 2011 में सामने आया था। उस वक्त गुन्नौर बदायूं की तहसील थी। संभल जिला बनने पर इसे संभल में शामिल कर दिया गया। ऐसे में सीबीआई ने संभल जिले की गुन्नौर तहसील की तीन सीएचसी के कई स्वास्थ्य कर्मचारियों को भी पूछताछ के लिए देहरादून मुख्यालय तलब किया गया है।
सीबीआई मामले में जांच कर रही है। जिन कर्मचारियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है उनको इस बारे में सूचना दे दी गई है। कुछ कर्मचारी संभल जिले के भी हैं। मालूम हुआ है कि कुछ घोटाला ट्रेस हो गया है। इस बारे में मैं ज्यादा कुछ नहीं कह सकता।-नरेंद्र कुमार, सीएमओ