सूबे में वर्ष 2004 से 2011 के बीच एनआरएचएम में बड़ा घोटाला हुआ था। इसकी जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। जिन जिलों में घोटाला हुआ उस फेहरिस्त में बदायूं भी शुमार था। बदायूं के समरेर, कादरचौक, दहगवां, म्याऊं समेत कई सीएचसी और पीएचसी सीबीआई के निशाने पर आ गए।
सीबीआई ने बदायूं के सीएमओ को कई बार रिमाइंडर भेज कर एनआरएचएम से जुटे रिकार्ड तलब किए, लेकिन रिकार्ड नहीं मिले। इसके बाद जांच एजेंसी की चार सदस्यीय टीम मंगलवार को बदायूं पहुंची। मंगलवार को सीबीआई ने म्याऊं पीएचसी पहुंच कर रिकार्ड खंगाले। बुधवार को चार सदस्यों की टीम बिनावर के घटपुरी सीएचसी पर पहुंची। यहां प्रभारी डॉ. पवन कुमार से बात की। बाद में इन महिलाओं से भी बात की जिनको 2004 से 2011 के बीच जननी सुरक्षा योजना का लाभ मिला है। गुरुवार को भी सीबीआई टीम बदायूं में रुक कर पड़ताल करेगी।