बदायूं। जिला महिला अस्पताल की पूर्ण रक्त गणना (सीबीसी) मशीन पिछले नौ दिनों से खराब है। इसलिए 150 से 180 मरीज बिना जांच करवाए लौट रहे हैं। ऐसे में मरीजों को बाहर से जांच करानी पड़ रही है। इसके लिए उनको अतिरिक्त धनराशि देनी पड़ रही है।
महिला अस्पताल में रोजाना करीब 500 ओपीडी हो रही है। यहां पर जनरल मरीजों के अलावा गर्भवती महिलाएं भी आती है। मशीन खराब होने से महिला मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार सीबीसी मशीन 19 सितंबर को अचानक चलते हुए मशीन खराब हो गई थी। उसके बाद में वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में भर्ती मरीजों के ब्लड की जांच कराने के लिए जिला पुरुष अस्पताल के सीएमएस से बात की गई। सीएमएस की अनुमति से मरीजों को जांच के लिए वहां भेजा जाता है।
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सीबीसी मशीन से होती है 15 तरह की जांच
सीबीसी मशीन से श्वेत रक्त कोशिका गणना (डब्ल्यूबीसी काउंट), लाल रक्त कोशिका गणना (आरबीसी काउंट), हीमोग्लोबिन (एचजीबी), हेमाटोक्रिट (एचसीटी), प्लेटलेट्स काउंट (प्लेटस काउंट), लाल रक्त कोशिकाओं का औसत आकार (एमसीवी), लाल रक्त कोशिका में हीमोग्लोबिन की मात्रा (एमसीएच), लाल रक्त कोशिकाओं में हीमोग्लोबिन की औसत सांद्रता (एमसीएचसी) की जांच होती है।
570 रुपये खर्च कर कराई खून जांच
मरीज श्यामादेवी ने बताया कि सरकारी अस्पताल में आए थे कि निशुल्क में इलाज होगा। लेकिन के नाम पर 570 रुपये की खून की जांच हुई। तब यहां से दवाएं मिली है। वहीं मरीज मधुबाला ने बताया कि खून की जांच लिए लिखा है। बताया कि मशीन खराब है। स्टाफ कोई सही जानकारी नहीं दे रहा है। कहा कि अगर जल्द जांच करानी है, तो स्टाफ ने दो लैब के पता जरूरत बता दिया है।
जिला अस्पताल में भी दो दिन में हो रही जांच
-भर्ती मरीजों की जांच के नाम पर भी खेल शुरू हो गया है। महिला अस्पताल में भर्ती मरीजों ने बताया कि दोपहर के समय भर्ती किया। डॉक्टर ने कई जांच लिख दी। जबकि खून की जांच कराने गए तो मना कर दिया। बताया कि मशीन खराब है। स्टाफ ने बताया जिला अस्पताल जाओ। वहां भी बताया गया दो दिन बाद ही जांच हो सकेगी।
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वर्जन
मशीन की खराबी की सूचना संबंधित विभाग को भेज दी गई है। जल्द ही टेक्नीशियन बुलाकर इसे दुरुस्त कराया जाएगा। भर्ती मरीजों की जांच जिला अस्पताल से कराई जा रही है। -शोभा अग्रवाल, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल
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