उसावां। थाना क्षेत्र के गांव वमनपुरा निवासी नेम सिंह रविवार दोपहर बेहोशी की हालत में गांव से करीब एक किलोमीटर दूर खेत में पड़ा मिला था। परिजन उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल ले गए, जहां उसकी मौत हो गई थी। परिवार के लोगों ने प्रेमिका के परिजनों पर मारपीट के बाद जहर देने का आरोप लगाया था। सोमवार को पोस्टमार्टम हुआ तो मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। विसरा प्रिजर्व किया गया है। उधर, पुलिस ने भाई मुकेश की तहरीर पर गांव मंशा नगला निवासी रामरहीस, धीरज पाल, टीकाराम व प्रशांत की खिलाफ हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
उसावां थाना क्षेत्र के गांव वमनपुरा निवासी नेम सिंह (26) आठ दिन पहले दिल्ली जाने के लिए घर से निकला था। इसके बाद उसका पता नहीं लगा। रविवार सुबह पड़ोसी गांव मंशानगला में रहने वाले उनके रिश्तेदार के बहनोई और भांजे ने परिजनों को सूचना दी कि उनका भाई घर के बाहर पड़ा है, उसे उठा ले जाओ। परिजन मंशानगला गांव जा रहे थे।
मंशानगला गांव के बाहर मनोज मिश्रा के खेत में नेम सिंह गंभीर हालत में पड़ा मिला। नेम सिंह ने परिजनों को बताया कि रिश्तेदार व उसके बहनोई आदि लोगों ने उसे जमकर पीटा है। परिजन नेम सिंह को लेकर सीएचसी म्याऊं पहुंचे। जहां डॉक्टर ने नेम सिंह को मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना पर सीओ दातागंज केके तिवारी व इंस्पेक्टर उसावां वीरपाल सिंह पुलिस फोर्स के साथ गांव मंशानगला पहुंचे। जहां जानकारी मिली कि नेम सिंह के एक महिला से संबंध हैं।
महिला से भी पूछताछ की गई तो उसने बताया कि उसके पति व रिश्तेदारों ने उसे व नेम सिंह को पीटा था। इसके बाद नेम सिंह को खेत में फेंक दिया। बताया जा रहा कि नेम सिंह के अपने रिश्तेदार की पत्नी से संबंध थे। वह आठ दिन से उसके गांव में ही था। जब महिला के साथ मौजूद था तो इसकी सूचना किसी ने उसके पति को दे दी। मौके पर पहुंचे पति ने दोनों को आपत्तिजनक हालत में देख लिया। इसके बाद उनके साथ जमकर मारपीट की गई, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने चारों लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।