बदायूं। जिले के माध्यमिक स्कूलों मेंं पढ़ाई में कमजोर, बीमार या कम स्कूल आने वाले छात्र-छात्राओं का शिक्षा स्तर बढ़ाने के लिए अतिरिक्त कक्षाएं लगाई जाएंगी। इसके लिए ऐसे विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा, जिन्हें विषय समझने में परेशानी हो रही है। इस व्यवस्था से पढ़ाई में कमजोर बच्चे भी बेहतर तरीके से विषयों को समझकर पढ़ाई कर सकेंगे।
जिले में 39 राजकीय, 41 वित्त पोषित व 208 वित्तविहीन स्कूल हैं। कई ऐसे छात्र-छात्राएं हैं, जो सामान्य छात्र-छात्राओं की तरह नहीं पढ़ पा रहे हैं। पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों को अन्य बच्चों के बराबरी में लाने के लिए नया प्रयास शुरू किया जा रहा। महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने डीआईओएस को पत्र भेजकर इस बाबत निर्देश दिए है।
अतिरिक्त कक्षाओं के लिए कक्षा नौ व 10 के लिए विज्ञान, गणित, हिंदी व अंग्रेजी विषय को शामिल किया गया है, जबकि कक्षा 11 व 12 के लिए गणित, अंग्रेजी, रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान व जीव विज्ञान शामिल किए गए हैं। अतिरिक्त कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में डीआईओएस डॉ. प्रवेश कुमार ने बताया कि प्रत्येक कक्षा से उपचारात्मक कक्षाओं के लिए 25 प्रतिशत विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। कक्षा नौ से इंटर तक के ऐसे विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा, जो अधिकतर कक्षा से अनुपस्थित या बीमार रहता हो। पढ़ाई में कमजोर हो। जिससे हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा का परिणाम बेहतर आए।