उझानी में धौरेरा का गोआश्रय। संवाद
उझानी। सौ से कम गोवंश की संख्या वाले गोआश्रय को अन्य में शिफ्ट करने की कार्रवाई शुरू हो गई है। इलाके के गांव दहेमू और बरसुआ का गोआश्रय हुसैनपुर पुख्ता व अब्दुल्लागंज का गोआश्रय धौरेरा गांव में शिफ्ट होगा। इसके लिए बीडीओ समेत कर्मचारियों ने बड़े गोआश्रय स्थलों का निरीक्षण कर दो- तीन दिनों में कार्रवाई पूरी कर लेने व्यवस्था का अंतिम रूप दे दिया है।
ब्लॉक क्षेत्र के गांव धौरेरा और हुसैनपुर पुख्ता के गोआश्रय में उनकी क्षमता से काफी कम गोवंश हैं, जबकि सुविधा और संसाधनों के लिहाज से ये अच्छे गोआश्रयों में शुमार बताए गए हैं। पिछले दिनों शासन ने 50 से भी कम गोवंश वाले गोआश्रयों को एक-दूसरे में शिफ्ट किए जाने का आदेश किया था। इसके बाद बीडीओ सर्वज्ञ अग्रवाल समेत पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने आगे की कार्रवाई पूरी करने के लिए सभी गोआश्रयों की व्यवस्थाओं का आकलन किया था। कछला में हालांकि सबसे बड़ा गोआश्रय है। इस गोआश्रय में 250 गोवंश को संरक्षण देने की व्यवस्था है। संख्या बल भी कम नहीं है।
इसके बाद अब्दुल्लागंज के गोआश्रय को धौरेरा के गोआश्रय में शिफ्ट करने की कार्रवाई शनिवार दोपहर बाद पूरी कर ली गई। बरसुआ और दहेमू के गोआश्रय कटरी से जुड़े गांव हुसैनपुर पुख्ता के गोआश्रय में शिफ्ट होने हैं। इनमें भी दो- तीन दिनों में गोवंशीय पशुओं को शिफ्ट कर दिया जाएगा। बता दें कि ब्लॉक क्षेत्र में अब तक 10 गोआश्रय थे। तीन गोआश्रय अन्य में शिफ्ट हो जाने के बाद संख्या सात रह जाएगी। 50 से कम गोवंश वाले गोआश्रय को दूसरों में शिफ्टिंग के पीछे शासन की मंशा गोवंशीय पशुओं को बेहतर सुविधा मुहैया कराने की रही है।
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ब्लॉक क्षेत्र के गांव बरसुआ, अब्दुल्लागंज और दहेमू के गोआश्रय को हुसैनपुर पुख्ता और धौरेरा में शिफ्ट करने की कार्रवाई लगभग पूरी हो चुकी है। शासन की मंशा के अनुरूप गोवंशीय पशुओं को सुविधाएं मुहैया करानी है। उन्हें हरा चारा और भूसा भी पर्याप्त मात्रा में मिलेगा। गोवंशीय पशुओं की देखरेख में भी दिक्कत नहीं आएगी। - सर्वज्ञ अग्रवाल, बीडीओ