कई गोशालाओं में गोवंश की देखभाल में अव्यवस्थाएं हावी
जगत ब्लॉक क्षेत्र की कई गोशालाओं में गोवंश की देखभाल को लेकर अव्यवस्थाएं हावी हैं। खिरिया रहलू, बीबीपुर, मल्लाहपुर, फतेपुर और ताल गांव के गोवंश के लिए संचालित गोशाला में करीब 110 गोवंश हैं। पड़ताल में कई गोवंश सूखा भूसा खाते मिले। पानी पीने के लिए बनाए गए टैंक में पानी नहीं मिला। कई गायें गंदा पानी पीती नजर आईं। परिसर में जगह-जगह गंदगी के ढेर हैं।
केयरटेकर चंद्रपाल ही देखरेख करते हैं। वहीं, गुरगांव स्थित गोशाला में गोवंश सड़ा चारा खाते हुए मिले। गोदाम में रखा भूसा भी सड़ा हुआ था। हरा चारा तो दूर, गोवंश को पर्याप्त सूखा भूसा तक उपलब्ध नहीं दिखा। यहां 26 गायें मिलीं। वहीं इस्लामगंज की गोशाला की दो दिन पहले की वीडियो में केयरटेकर एक बार भूसा डाले जाने की बात कह रहा है। यहां गोशाला में 32 गायें हैं।
फोटो खींचते ही गोवंशों को पशु आहार खिलाना शुरू कर दिया
उसावां ब्लॉक क्षेत्र की वीरमपुर भदेली स्थित गोशाला में 456 गोवंश हैं। वीरमपुर भदेली की गोशाला में फोटो खींचने के दौरान कर्मचारियों ने तत्काल गोवंशों के सामने पशु आहार डालना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने गोवंशों को पर्याप्त चारा उपलब्ध कराने और कमजोर पशुओं की नियमित जांच कराने की मांग की है। करीब पांच गोवंश कमजोर और बीमार दिखे।
पशुपालन विभाग उसावां की डॉ. दिव्या ने बताया कि गोवंश कमजोर हैं। उन्हें ड्रिप लगाई गई है। भदेली की गोशाला में गोवंशों के लिए पीने का पानी नादों में भरा मिला। पचदियोरा दीवाननगर की गोशाला में 81 और अकबरपुर की गोशाला में 152 गोवंश मिले। अकबरपुर की गोशाला में प्लास्टिक के ड्रमों में पानी भरा था। चारे के नाम पर गोवंशों के सामने सूखा भूसा पड़ा मिला।
डीएम अवनीश राय ने बताया कि एनजीओ को ब्लैक लिस्ट करने के बाद सभी गोशालाओं की जिम्मेदारी हटा ली गई है। कमजोर गोवंशों का उपचार कराया जा रहा है। गोशालाओं की स्थिति सुधारने के सख्त निर्देश दिए हैं। अधिकारी लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। अब दो आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं।