कस्बे में स्थित सर्व यूपी ग्रामीण बैंक की एक मात्र शाखा में तीन दिन से कैश वितरित नहीं हो रहा है। इससे गन्ना के भुगतान का रुपये लेने के लिए बैंक शाखा पहुंचने वाले किसानों को निराशा हाथ लगी है, जिससे वे मायूस होकर लौट रहे हैं।
कस्बे में गन्ने के तीन क्रय केंद्र हैं, जिन पर हजारों क्विंटल गन्ना तोल की जा चुकी है, जिसका भुगतान भी चीनी मिलों ने करना शुरू कर दिया है। बावजूद इसके गन्ना किसानों की स्थिति 'आसमान से टपके और खजूर पर अटके’ जैसी हो गई है। किसानों के बैंक शाखा में रुपये नहीं मिलने की वजह से उन लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार के बाद से बैंक शाखा में गन्ना किसानों को धनराशि नहीं मिल पा रही है। बैंक कर्मचारी अब सोमवार को धनराशि वितरित करने का आश्वासन दे रहे हैं, जबकि गन्ना किसानों के सामने मुसीबत लगातार बढ़ती चली जा रही है।
गन्ना छिलाई नहीं करा पा रहे किसान
गुलड़िया के किसान रामेश्वर सिंह, कुंवरपाल, पालन सिंह, वीरेंद्र पाल, सुरेंद्र सिंह, विवेक कुमार, महेंद्र सिंह आदि किसानों का कहना है कि बैंकों से रुपये न मिलने की वजह से वे लोग गन्ने की छिलाई नहीं करवा पा रहे हैं। क्योंकि मजदूर बिना रुपये लिए गन्ने की छिलाई करने को तैयार नहीं हो रहे हैं। इससे उन लोगों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
धनराशि कम होने की वजह से शुक्रवार को केवल पेंशन धारकों को ही भुगतान किया गया है, जबकि मंगलवार को कैश वितरित किया गया था। फिलहाल धनराशि नहीं मिल पा रही है, जिससे किल्लत हो रही है।
आरके वर्मा, शाखा प्रबंधक, सर्व यूपी ग्रामीण बैंक गुलड़िया