जम्मू-कश्मीर के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों फारुख अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहम्मद असलम सिद्दीकी के कोर्ट में परिवाद दाखिल किया गया है। कोर्ट ने इस पर सुनवाई के लिए 14 दिसंबर तय की है। परिवाद दाखिल करने वाले बुंदू खां का आरोप है कि फारुख अब्दुल्ला ने एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में देश विरोधी बयानबाजी की। भारत की एकता और अखंडता को ठेस पहुंचाने वाले बयान दिए।
शहर के मोहल्ला मीरा सराय निवासी समाज सेवी बुंदू खां की ओर से अधिवक्ता गजेंद्र सिंह की ओर से दायर परिवाद में फारुख अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कहा गया है कि 25 नवंबर एक टीवी चैनल के प्राइम टाइम कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला की एक सभा दिखाई जा रही थी। इस सभा में पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी मौजूद थे। इस सभा में फारुख अब्दुल्ला का बयान देश की संप्रभुता, एकता, अखंडता को ठेस पहुंचाने के साथ देश के खिलाफ घृणा फैलाने वाला था।
उमर अब्दुल्ला ने राष्ट्र के खिलाफ बयान देने से फारुख अब्दुल्ला को नहीं रोका। सीजेएम कोर्ट ने बुंदू खां का परिवाद दर्ज करते हुए मामले में सुनवाई के लिए 14 दिसंबर की तारीख तय की है। इस दिन कोर्ट में बुंदू खां के बयान दर्ज किए जाएंगे।