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एनएसयूआई जिलाध्यक्ष समेत 25 लोगों पर बलवे की रिपोर्ट

Sat, 03 Feb 2018 06:19 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बदायूं
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शहर के पनवड़िया मोहल्ले में शुक्रवार रात मॉडल शॉप में शराबियों के झगड़े के बाद बवाल हुआ था। दो समुदाय के लोगों के आमने-सामने आने से जमकर पथराव और फायरिंग भी हुई। पुलिस ने एनएसयूआई जिलाध्यक्ष और दूसरे पक्ष के बंटी को मौके पर पकड़ लिया था। कोतवाली पुलिस ने 25 लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की है, जिसमें एनएसयूआई जिलाध्यक्ष और बंटी समेत पांच लोग नामजद हैं।
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कोतवाली के दरोगा अशोक कुमार की ओर से शनिवार दोपहर यह रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसमें उन्होंने गद्दी चौक निवासी यासीन और मोहसिन पुत्र इकबाल और जाहिद पुत्र इंकार हुसैन के साथ ही पनवड़िया निवासी बंटी पुत्र प्यारेलाल और बाबू पुत्र वीरू को नामजद किया। रिपोर्ट में दर्ज है कि उन्हें सूचना मिली कि कुछ लोग पनवड़िया तिराहे पर पथराव कर रहे हैं। वह मौके पर पहुंचे तो यह लोग पथराव करते मिले। इन्हें समझाने की कोशिश की गई पर नहीं माने। पुलिस ने जाहिद और बंटी को पकड़ लिया, जबकि बाकी करीब बीस आरोपी फरार हो गए। जानकारी करने पर पता लगा कि दोपहर में गांधी ग्राउंड में गिल्ली डंडा के खेल में इनका विवाद हुआ था और बाद में यह शराब के नशे में मॉडल शॉप में झगड़ा कर बैठे। 
जिक्र कर दें कि शहर के मोहल्ला पनवड़िया चौराहे के पास शुक्रवार रात करीब आठ बजे बवाल हुआ था। दिन में गांधी ग्राउंड में झगड़ा करने वाले दो समुदायों के लड़कों ने मॉडल शॉप में शराब पीने के दौरान फिर बहस कर ली। मामला देखते देखते ज्यादा तूल पकड़ गया। पड़ोस में ही एनएसयूआई जिलाध्यक्ष जाहिद गाजी के आवास पर शुक्रवार शाम पूर्व सांसद सलीम इकबाल शेरवानी का कार्यक्रम था। यहां से शेरवानी निकले तो बाकी लोग बाहर खड़े हुए थे। मॉडल शॉप से मारपीट करते लोग बाहर निकले तो यह लोग भी समझाने की बजाय मारपीट और हंगामे में शामिल हो गए। इसके बाद पड़ोस की बस्ती से आए दूसरे पक्ष ने इन्हें ललकारा तो जमकर पथराव हुआ। हवाई फायरिंग भी की गई। मौके पर अफरातफरी मची तो कई थानों की पुलिस पहुंच गई। पुलिस जाहिद गाजी के साथ ही दूसरे समुदाय के युवक बंटी को कोतवाली ले आई। 
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धाराएं हल्की पर रासुका लगाने का है आधार 
पुलिस ने इस घटना में बवाल की धाराएं तो लगाईं पर वह अपेक्षाकृत हल्की थीं। इसमें बलवे की धारा 147 लगाई गई जो जमानतीय और अधिकतम दो साल की सजा वाली है। इसकी सह धाराएं 148 व 149 केस में नहीं लगाई गई हैं। इसके अलावा धारा 336 लगाई गई है। यह उतावलेपन में कोई ऐसा काम करने से संबंधित है जिसकी वजह से मानव जीवन या लोगों की स्वतंत्रता खतरे में पड़ जाए। हालांकि इसमें तीन माह या ढाई सौ रुपये के जुर्माने का ही प्रावधान है। सेवन क्रिमनल लॉ एक्ट जरूर गैर जमानतीय धारा है। बलवे की स्थिति में लगाई जाने वाली इस धारा में सीजेएम या जिला जज के स्तर से जमानत मिल सकती है। हालांकि पुलिस ने जो रिपोर्ट लिखी है उसका मजमून भविष्य में रासुका लगाने का आधार बन सकता है। पुलिस ने इसमें पब्लिक ऑर्डर प्रभावित होने का जिक्र किया है। लिखा है कि मामूली बात पर इन लोगों के झगड़े की वजह से मौके पर काफी अफरातफरी मच गई थी। लोग अपनी जान बचाकर तो व्यापारी दुकान बंद करके भाग निकले। अगर पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचकर स्थिति पर नियंत्रण नहीं करता तो इनकी हरकत से सांप्रदायिक विवाद पनप सकता था।
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