फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कुछ राहत देकर निकल गए कारे बदरा

Sun, 21 Jun 2015 08:47 PM IST
badaun
विज्ञापन
विज्ञापन
दूसरे दिन भी बादल आए लेकिन कुछ देर ही बरसे। काली घटाएं ऐसे उठीं कि लगा कि कई घंटों बरसात होगी लेकिन हवाओं ने डर लगता रहा। लगा कि कहीं बादलों को हवाएं फिर न उड़ा ले जाएं। दो दिन लगातार बादल और बारिश ने प्रीमानसून की दस्तक का अहसास तो करा ही दिया।
विज्ञापन

दो दिन पहले से तपिश का शिकार लोग हों या खरीफ की फसल की आस लिए किसान सभी आसमान ताकते नजर आ रहे थे। लोगों में उम्मीद थी कि अब तो बारिश होगी। आसपास और सुदूर बारिश की खबरें भी उनकी उम्मीदें बंधा रही थीं। क्षेत्र में एक कहावत प्रचलित है। शुक्रवार के बादरा, रहे शनिश्चर छाए, इतवार की शाम को बिन बरसे न जाए। ऐसा भी रविवार को अपराह्न ही बारिश हो गई। पिछले दो दिनों से आकाश में बादल अटखेलियां करते दिखाई दे रहे थे। हालांकि इन दिनों धूप भी गर्मी फैलाती रही। रवियार को अपराह्न आसमान पर काले मेधा छाए तो ऐसा लगा कि झमाझम बारिश होगी तेज हवाएं भी चली। मौसम तो सुहाना हो गया लेकिन हवाओं में कही बादल उड़ न जाएं। इससे लोग आशंकित रहे। शनिवार के बाद रविवार को भी हल्की बारिश ही हुई। सुहाने मौसम के बाद उमस भरी गर्मी का भी सामना करना पड़ा। आम आदमी गर्मी से निजात पाने को बारिश की कामना कर रहा है तो किसान अपनी खरीफ फसल के लिए इंद्रदेव को खुश होता देखना चाहता है। दो दिन कुछ देर के लिए हुई बारिश से खरीफ की फसल की तैयारी को लेकर किसान अभी भी निराश है। 
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें