जमीन को लेकर दो गांव के बीच तनाव बरकरार
तहसील क्षेत्र का सीमांकन होने के बाद भी फरीदपुर तहसील के एक गांव के कुछ दबंगों ने कब्जा मुक्त कराई गई सेरहा गांव के दो दर्जन किसानों की करीब दो सौ बीघा जमीन पर दोबारा कब्जा कर लिया है। इस जमीन को लेकर दो गांव के बीच तनाव बना हुआ है।
रामंगगा किनारे बसे गांव सेरहा की सीमाएं बदायूं ,बरेली और शाहजहांपुर जनपद से मिली हुई है। सेरहा गांव के काश्तकारों की रामगंगा पार की जमीन पर तहसील फरीदपुर के कुछ लोग कब्जा किए हुए थे। इसको लेकर विवाद भी हुआ बाद में सेरहा गांव के साधू सिंह और विनोद ठाकुर आदि के प्रयास से दिसंबर 2013 में प्रशासन ने इसकी पैमाईश करा दी। पुलिस और पीएसी की देखरेख में तहसील फरीदपुर और दातागंज की राजस्व टीमों ने पैमाईश करके तहसील क्षेत्रों का सीमांकन कर दिया। फरीदपुर क्षेत्र के किसानों से लगभग दो सौ बीघा जमीन को मुक्त कराकर सेरहा गांव के साधू सिंह, विजय, सतेंद्र, अखिलेश, विनोद और प्यारा सिंह आदि 25 बाकी किसानों को दे दी। सेरहा गांव के लोगों ने बताया कि तीन साल तक हम लोग इस जमीन पर काश्तकारी करते रहे, लेकिन इस बार दोबारा कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया। जमीन जोतने गए तो हमें खदेड़ दिया गया। इस बार दोबारा कब्जे करने वाले अन्य लोग है। इस मामले में इन्हीं किसानों ने समाधान दिवस में प्रमाण समेत प्रार्थना पत्र देकर जमीन को कब्जा मुक्त कराने की मांग की है।
प्रशासन द्वारा कब्जा मुक्त कराई गई जमीन पर दोबारा कब्जा होना गंभीर मामला है। एक पक्ष ने इसकी शिकायत की है, जिसकी जांच होगी। यदि शिकायत सही पाई जाती है तो कब्जेदारों पर कार्रवाई होगी।
दिनेश कुमार सिंह, एसडीएम, बदायूं।