फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बदायूं हत्याकांड: कॉल डिटेल से खुल रहीं परतें, भाजपा का युवा नेता जांच के घेरे में; हो सकता है बड़ा खुलासा

Mon, 23 Mar 2026 12:15 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं

सार

बदायूं में एचपीसीएल के दो अफसरों की हत्या के मामले में जांच जारी है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि वारदात के बाद हत्यारोपी अजय प्रताप सिंह ने भाजपा के एक युवा नेता को कॉल किया था। इससे यह नेता भी जांच के घेरे में आ गया है। 
 
विज्ञापन
हत्यारोपी अजय प्रताप सिंह - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बदायूं के सैंजनी गांव स्थित एचपीसीएल प्लांट में हुई दो अफसरों की हत्या के मामले में तफ्तीश जारी है। सूत्रों के मुताबिक कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच में भाजपा का एक युवा नेता भी फंसता नजर आ रहा है। विशेष जांच दल (एसआईटी) तफ्तीश में उसका नाम शामिल कर सकता है। दोहरे हत्याकांड में मंडलायुक्त भूपेंद्र एस चौधरी की अध्यक्षता वाली एसआईटी विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर रही है। वहीं पीड़ित परिवार सीबीआई जांच की मांग पर अड़े हैं। एसआईटी जांच में आरोपी अजय प्रताप सिंह के राजनीतिक जुड़ाव का खुलासा हो सकता है। 

विज्ञापन


सूत्र बताते हैं कि अजय और उसके तहेरे भाई अभय का इस युवा नेता से गहरा जुड़ाव था। अक्सर राजनीतिक कार्यक्रमों में ये दोनों अफसरों के बगल में बैठकर रौब गांठते थे। इनके फोटो भी वायरल हैं। शायद यही वजह थी जो अजय इतने बेखौफ तरीके से दोहरे हत्याकांड को अंजाम दे बैठा, उसे यकीन था कि नेता की पहुंच सीधी लखनऊ और दिल्ली तक है और वह उसे बचा लेगा। तेल कंपनी के दो अफसरों की हत्या के बाद अजय को एनकाउंटर का डर सताने लगा था। सूत्र बताते हैं कि अपनी जान बचाने के लिए उसने एक नेता को कॉल कर घटना की जानकारी दी। वह कहीं भागने के मूड में था, लेकिन नेता ने ही उसे आत्मसमर्पण करने की सलाह दे दी।  

निलंबित इंस्पेक्टर व दरोगा की विभागीय जांच शुरू
घटना वाले दिन ही निलंबित किए गए एसओ अजय कुमार व दरोगा धर्मेंद्र के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो गई है। जांच अधिकारी सीओ सिटी ने दोनों को नोटिस जारी कर बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभागीय जांच में यदि दोषी मिलते हैं तो उनके खिलाफ आगे कड़ी कार्रवाई हो सकती है।

अलग-अलग जिलों में दबिश दे रहीं पुलिस टीमें
इस वारदात को लेकर आरोपी अजय के परिजनों व नजदीकी लोगों तक पहुंचने के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें बरेली, शाहजहांपुर आदि जिलों के उन स्थानों पर दबिश दे रहीं हैं, जहां अजय के परिवार के लोगों व अन्य नजदीकियों के छिपे होने की आशंका है। हालांकि अब तक  किसी अन्य आरोपी की गिरफ्तारी की अधिकारिक जानकारी सामने नहीं आ सकी है। 
विज्ञापन

आरोपी के परिजनों का रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस
पुलिस घटना के मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के परिजनों का रिकॉर्ड खंगाल रही है। मृतकों के परिजनों ने पुलिस को कुछ ऐसे साक्ष्य दिए, जिसमें आरोपी के परिवार के कुछ अन्य लोगों को भी संदिग्ध बताया गया है। इसी के बाद से पुलिस और प्रशासन अजय के परिवार के अन्य लोगोंऔर उसके नजदीकियों का भी रिकॉर्ड खंगालने में जुट गई है। 

एसएसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि रविवार को पुलिस टीम ने एचपीसीएल प्लांट के कर्मचारियों के बयान दर्ज किए हैं। पूरे मामले की जांच चल रही है। जो भी दोषी हैं, केस में जल्द ही उनके भी नाम सामने आ जाएंगे। 


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें