बदायूं। बाहरी डिपो की बसों के स्टैंड जाने पर शुक्रवार से सोमवार रात आठ बजे तक रोक रहने से यात्री परेशान रहे। यात्रियों को शहर पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। ऐसे में टेंपो चालकों ने भी नवादा से शहर पहुंचाने के लिए 10 की जगह 20 रुपये लिए तो बहेड़ी मोड़ से शहर आने वाले यात्रियों को भी भटकना पड़ा।
कांवड़ यात्रा और रूट डायवर्जन के मद्देनजर मुरादाबाद से आने वाली बसों को नवादा चौराहे से ही बरेली तो कासगंज से आने वाली बसों को बहेड़ी मोड़ से ही वापस भेजा गया। बाहरी बसों को स्टैंड तक नहीं आने दिया गया। केवल बदायूं डिपो की ही बसें स्टैंड तक पहुंचीं। ऐसे में शुक्रवार से सोमवार आठ बजे तक यात्री परेशान रहे।
कासगंज से आए रामौतार तिवारी ने बताया कि उन्हें अलापुर जाना है। टिकट रोडवेज स्टैंड तक का लिया गया लेकिन चार किलोमीटर पहले ही बहेड़ी मोड़ पर उतार दिया गया। अब यहां से टेपो वाले 20 रुपये मांग रहे हैं। नवादा चौराहे पर बस से उतरे श्रीओम ने बताया कि उन्हें कचहरी जाना है। कोर्ट का काम है लेकिन बस ने नवादा पर ही उतार दिया। अब टेंपो से 20 रुपये देकर जाना पड़ेगा।
चालक-परिचालक भी हुए परेशान
रोडवेज तक बस न आने से बरेली व कासगंज जाने के लिए सवारियां कम मिलने से चालक-परिचालक भी परेशान दिखाई दिए। चालक मोनू ने बताया कि वह बरेली डिपो की बस के चालक हैं। चंदौसी से सवारियां लेकर आए, यहां नवादा से आगे बस नहीं जाने दी। नवादा से बरेली के लिए सवारियां ही नहीं है ऐसे में बस खाली ले जानी पड़ेगी या फिर बस खड़ी करके सवारियों का इंतजार करना पड़ेगा।
हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार
रूट डायवर्जन के चलते शुक्रवार की शाम आठ बजे से भारी वाहनों को पुलिस ने रोक दिया। ऐसे में सोमवार को हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। रात आठ बजे के बाद ही वाहनों को रवाना किया गया।
चंदौसी से बरेली जा रहे हैं। बस चालक ने बाइपास पटेल चौक पर उतार दिया। अब यहां एक घंटे से बस का इंतजार कर रहे हैं। बस मिलेगी तब ही घर जा पाएंगे।
-रामपाल, यात्री
बिसौली से बस में बैठे थे। रोडवेज की बस ने चार किलोमीटर पहले पटेल चौक पर ही उतार दिया। अब यहां से रोडवेज स्टैंड जाने के लिए सवारी का इंतजार कर रहे हैं।
- रामौतार, यात्री
रूट डायवर्जन के चलते बाहरी डिपो की बसों को रोडवेज स्टैंड तक नहीं जाने दिया गया। आज से यातायात सामान्य हो जाएगा। महीने भर शुक्रवार से सोमवार तक यही व्यवस्था लागू रहेगी।
- अजय पाल सिंह, यातायात निरीक्षक
रामौतार।
रामौतार।
रामौतार।