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बचकर रहना ! नंदीशाला बनने तक सड़कों पर छुट्टा घूमेंगे सांड़

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बदायूं। आवारा सांड़ों के आतंक से हर कोई परेशान हैं। गांव देहात की बात छोड़ दें तो शहर में ही हालत बेहतर नहीं हैं। देहात क्षेत्रों में तो ये लोगों की जान के दुश्मन बने हैं। हादसों में कई लोगों की जान भी जा चुकी है। इन सांड़ों को एक जगह रखने के लिए उसहैत मेें नंदी गोशाला तैयार करने की शुरुआत की गई थी, लेकिन उसका भी काम कछुआ गति से चलने के कारण कोई लाभ नहीं मिल रहा है।
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प्रदेश सरकार ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए थे कि सड़क या खेत में कोई भी छुट्टा गोवंश नहीं दिखना चाहिए। इसी के तहत जिलेभर में कुल 699 गोशालाएं खोली गईं। इन गोशालाओं में जिलेभर में घूमने वाले छुट्टा गोवंशों को रखा गया। शुरुआत में 6599 गोवंशों को इसमें पकड़कर रखा गया। लेकिन उस वक्त कुछ ग्रामीणों ने शुल्क देकर अपने गोवंश गोशालाओं से छुुड़ा लिए। बाकी गोवंश उन्हीं पशुशाला में रहे, लेकिन शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में सांड़ों को नहीं पकड़ा गया, जिसकी वजह से वह लगातार लोगों पर हमला कर रहे थे। लोगों ने इसको पकड़वाने के लिए अधिकारियों से मांग की, जिसके बाद में पिछले महीने जनवरी में पशुपालन विभाग ने उसहैत में नंदी गोशाला खोलने की बात कही। लेकिन डेढ़ महीने बाद भी नंदी गोशाला नहीं खुल सकी। जिसकी वजह से सांड़ सड़कों पर उत्पात मचाते नजर आते हैं। इधर, विभाग के अनुसार अभी नंदी गोशाला में काम चल रहा है। ऐसे में अभी कुछ सांड़ ही वहां रखे गए हैं। जल्द ही वहां पर जिले भर के सांड़ रखे जाएंगे।
सांड़ के हमले से दम तोड़ चुके है लोग
24 सिंतबर 2019 को उघैती क्षेत्र के गांव अमूपुर निवासी 50 वर्षीय राम सिंह अपनी फसल की रखवाली के लिए खेत पर जा रहे थे। वह गांव के बाहर पहुंचे ही थे कि इसी दौरान उन पर एक सांड़ ने हमला कर दिया। इसमें वह गंभीर घायल हो गए। निजी डॉक्टर से इलाज के दौरान कुछ घंटों बाद उन्होंने दम तोड़ दिया। इसके अलावा दातागंज और उसहैत में भी सांड़ के हमले से एक वृद्धा व एक युवक की मौत हो गई थी। बिल्सी में गोशाला से निकलकर बाहर भागे सांड़ ने वहां से गुजर रहे बालक को सींगों पर उठाकर पटक दिया था, जिसने उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। शुक्रवार को उझानी में दो सांड़ों की लड़ाई से सड़क पर अफरातफरी मच गई थी।
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कभी-कभी सड़क तक आ जाते हैं पशु
बिल्सी। तहसील क्षेत्र गांव रायपुर बुजुर्ग समेत क्षेत्र के दर्जनों गांवों में किसानों को छुट्टा गोवंशों से फसल बचाना मुश्किल हो गया है। हालात यह हैं कि किसान रात भर जागने को मजबूर हैं। बावजूद इसके छुट्टा गोवंश खेतों में खड़ी फसल खराब कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि उनकी आय दोगुनी करने की बात कही जाती है, लेकिन कई बार उन्हें फसल की लागत भी नसीब नहीं होती है। गांव रायपुर बुजुर्ग के प्रधान भुवनेश कुमार ने बताया कि गांव में गोशाला का निर्माण कराने के लिए ग्राम सभा के पास कोई पर्याप्त भूमि और धनराशि नहीं है।
नंदी गोशाला में अभी कम चल रहा है। वहां पर वर्तमान में 32 गोवंश रखे हैं। जल्द ही सभी जगहों से उसमें नंदी को रखवाया जाएगा। उस दिशा में तेजी से काम चल रहा है।
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- डॉ. एके जादौन, सीबीओ
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