आम बजट में लोगों की अपेक्षा रोटी, कपड़ा और मकान पर फोकस करती है, लेकिन बजट को लेकर गृहिणी, स्टूडेंट और टीचर से चर्चा की गई तो इन जरूरतों के साथ रोजगार परक शिक्षा प्रदान करने और महंगाई को रोकने की अपेक्षाएं भी की गईं।
रसोई का बजट पूरे घर पर भारी पड़ता है। इसलिए आम बजट में केंद्र सरकार रसोई गैस से लेकर खाद्य पदार्थों के दाम घटाने पर गौर करे। जरूरी खाद्य पदार्थों की कृत्रिम अनुपलब्धता पर अंकुश लगाने का प्रावधान करे।
- मधु उपाध्याय, गृहणी, अंबिकापुरी
रोजगार परक शिक्षा को महत्व दिया जाए, ताकि बेरोजगारी दूर हो। महंगी हो रही शिक्षा पर लगाम लगे और शिक्षा लोन आसानी से और कम ब्याज पर मिले। शिक्षित बेरोजगारों को उद्यम के संसाधन जुटाए जाएं। बजट में सृजनात्मक शिक्षा विकास पर ध्यान रहे।
- सोहित, स्टूडेंट, लावेला चौक
अध्यापक देश और समाज की रीढ़ है। इसलिए शिक्षकों को अन्य विभागों के कर्मचारियों से सुविधाओं में अधिक प्राथमिकता मिले। केंद्र के समान वेतन, भत्ता, आवासीय सुविधा आदि की के लिए सरकार द्वारा कोई मजबूत प्रावधान किया चाहिए।
- राजेश शर्मा, अध्यापक, आदर्शनगर
जातिगत आरक्षण के विरोध में उठे आवाज
बदायूं। राष्ट्रवादी प्रताप सेना की स्वामी पगलानंद के आवास पर आयोजित बैठक में सवर्ण समाज को सेना के तहत एकजुट करने का आह्वान किया गया। इसमें स्वामी पगलानंद ने कहा कि जातिगत आरक्षण के विरोध में आवाज उठाने को सेना अपना सदस्यता अभियान चलाती रहे। बैठक में युवा नगर अध्यक्ष शांतनु दुबे, ओमेंद्र सिंह, अजय सोलंकी, रवि सोलंकी, अवधेश मिश्रा, अरविंद सिंह, सतेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।