बुद्ध पूर्णिमा पर सोमवार को कछला गंगाघाट आस्था से सराबोर नजर आया। हवन-पूजन कराया और साधु-संतों को दान-दक्षिणा भी दी गई। जीवनदायनी में डुबकी लगाने को उमड़े श्रद्धालुओं की वजह से पूरा घाट हर-हर गंगे से गूंज उठा।
कछला गंगाघाट पर तड़के से ही आस्था संगम शुरू हो गया जो दोपहर बाद तक बरकरार रहा। हजारों की संख्या में जुटे श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाकर सूर्यदेव का अर्घ्य देकर सुख और शांति की कामना की। गंगा के दोनों छोर पर खासी भीड़ रही। हवन-पूजन भी कराया गया। बच्चों के मुंडन संस्कार भी कराए गए। महिलाओं ने संकीर्तन कर भजन गाए। ब्राह्मण और साधु-संतों को दान-दक्षिणा भी दी गई।
गंगाघाट पर लगे मेला में श्रद्धालुओं ने घरेलू सामान की खरीददारी की। बच्चों ने मनोरंजन के संसाधनों का लुत्फ उठाया। घाट पर हालांकि श्रद्धालुओं की सुविधा के मद्देनजर अस्थाई टीनशेड लगाए गए थे, लेकिन ज्यादा भीड़ होने की वजह से खासकर महिलाओं को परेशानी का समाना भी करना पड़ा। कोतवाल देवराज राठी और कछला चौकी इंचार्ज मानपाल सिंह ने ड्यूटी पर लगाए गए अतिरिक्त पुलिस फोर्स की निगरानी की।
जेबकतरों ने किया हाथ साफ
उझानी। बुद्ध पूर्णिमा पर कछला गंगाघाट पर जेबकतरे भी सक्रिय रहे। जेबकतरों ने राजस्थान के भरतपुर से पहुंचे श्रद्धालुओं की टोली में शामिल महिला समेत तीन लोगों की नगदी उड़ा ली। इसके अलावा बडनौसी के राजपाल और मुजरिया के श्यामकरन को भी जेबकतरों को शिकार होना पड़ा।
डग्गामार वाहनों की वजह से लगा जाम
उझानी। गंगा नहाने को पहुंचे ज्यादातर श्रद्धालुओं प्राइवेट बसों और डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ा। डग्गमार वाहन पुलिस चौकी के आसपास ही सड़क किनारे खड़े कर दिए जाने से बरेली-मथुरा हाईवे पर गुजरने वाले वाहन चालकों को दिक्कत हुई। सुबह में नौ बजे जाम लग गया। देखते ही देखते कछला पुल के दोनों ओर सैकड़ों की संख्या में वाहन फंस गए।