प्रदेश का सबसे बड़ा सौर ऊर्जा प्लांट उसावां ब्लाक के गांव रिजौला में बनने जा रहा है। 55 मेगावाट के इस प्लांट के लिए नौ सौ बीघा जमीन अधिगृहीत की जा चुकी है, बाकी तीन सौ बीघा के लिए तेजी से कार्यवाही चल रही है। प्रदेश में झांसी, बरेली, ललितपुर, बांदा में एक-एक और इलाहाबाद में ऐसे दो प्लांट बनाए जाएंगे।
केंद्र सरकार की सोलर एनर्जी कारपोरेशन ऑफ इंडिया स्कीम के तहत रिजौला के इस प्लांट के लिए करीब दो अरब 20 करोड़ की लागत आएगी, यह रकम स्वीकृत भी हो चुकी है। इस प्लांट के लिए नीलकंठ डेवलपमेंट इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड को कार्यदायी संस्था बनाया गया है, उसने कार्य भी शुरू कर दिया है। यह प्लांट यूपी सरिला ऊर्जा प्राइवेट लिमिटेड के नाम से जाना जाएगा।
इस संबंध में कार्यदायी संस्था कंपनी के चेयरमैन शिवकुमार गौड़ ने ‘अमर उजाला’ को एक खास बातचीत में बताया कि ग्राम पंचायत रिजौला के अंतर्गत आने वाले गांव गोविंद नगला, माधुरी नगला, गौरीनगला और रौता की जमीन अधिगृहीत की गई है। दिसंबर 2017 तक कार्य पूरा करना है। बताया कि इसके निर्माण के बाद इसमें बनने वाली बिजली उत्तर प्रदेश पॉवर कारपोरेशन के लिए 4.60 रुपये प्रति यूनिट बेची जाएगी।