अलापुर रोड पर हमीदी फिलिंग स्टेशन को सीएनजी पंप के लिए अधिकृत किया गया है। यहां बुधवार को मशीनें आ गईं और उनकी फिटिंग शुरू हो गई। होली बाद यहां गैस मिलने लगेगी। इससे प्रदूषण रहित और सस्ती गैस मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा। ऑटो वालों के साथ ही कार चालकों को इससे काफी राहत मिलेगी।
कर्मचारी नेता रहे हाजी मजहर हुसैन की पत्नी अजमत जहां के स्वामित्व वाला हमीदी फिलिंग स्टेशन 2013 से संचालित है। भारत पेट्रोलियम के इस पंप को पिछले दिनों सेंट्रल यूपी गैस एजेंसी ने सीएनजी (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) के लिए अधिकृत किया था। बुधवार को यहां मशीनें आ गईं। इन्हें लगाने के लिए बेसमेंट तैयार हो चुका है। बस इन्हें फिट करना बाकी रह गया है। मजहर हुसैन ने बताया कि होली तक सब दुरुस्त हो जाएगा। इसके बाद कोई दिन तय करके पंप का शुभारंभ कर देंगे। तेल की बिक्री में उनके पंप की निर्विवाद छवि को देखते हुए ही इसे सीएनजी के लिए अधिकृत किया गया है। वह इस काम को भी पूरी ईमानदारी से करेंगे।
पचास रुपये किलो मिलेगी गैस, कम होगा खर्च
सीएनजी पंप पर पचास रुपये किलो गैस मिला करेगी। ऑटो वालों के लिए यह काफी मुफीद रहेगा। वह दो किलो गैस यानि सौ रुपये खर्च करके पूरे दिन ऑटो दौड़ा सकेंगे और परिवार के लिए ज्यादा पैसे बचा सकेंगे। अब तक डीजल या एलपीजी गैस से ऑटो चलाने पर उन्हें करीब दो सौ से तीन सौ रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं।
क्या है सीएनजी
तेल शोधन के पहले चरण में निकलने वाली सीएनजी प्राकृतिक गैस होती है। तेल या एलपीजी के मुकाबले इससे प्रदूषण न के बराबर फैलता है। यह गैस ठंडी होती है जिससे किट के फटने की गुंजाइश लगभग खत्म हो जाती है। वहीं जहां एलपीजी से आग लगने का खतरा बना रहता है तो वहीं सीएनजी से इस तरह का डर नहीं रहता।
एलपीजी पंप का अनधिकृत रिफिलिंग ने किया कबाड़ा
बदायूं। शहर में लालपुल के पास दास ऑटो सर्विस काफी समय से एलपीजी गैस सप्लाई के लिए अधिकृत सेंटर है। शुरू में सेंटर ने काफी बेहतर काम किया। बाद में गली कूंचों में खुली अवैध गैस रिफिलिंग की दुकानों ने इसका नुकसान कर दिया। कई वाहन चालक वैध सेंटर से गैस डलवाने की बजाय इन दुकानों से सस्ते में गैस रिफिल कराना पसंद करते हैं। दुकानों पर एलपीजी 70 से 80 रुपये किलो में आसानी से रिफिल कर दी जाती है। हालांकि 50 रुपये किलो की सीएनजी मिलने से शहर में एलपीजी के अवैध कारोबार पर लगाम लगेगी।
...लेकिन परिवहन विभाग नहीं देगा किट की संस्तुति
एक ओर जहां सीएनजी के लिए कई तैयारियां की जा रही हैं वहीं परिवहन विभाग ने जिले में किसी को सीएनजी किट लगाने के लिए अधिकृत नहीं करने का फैसला किया है। घटनाओं के बाद मंडल भर में किट सेंटर बंद करा दिए गए थे। इन्हें खोलने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। सबसे बड़ी समस्या रेट्रोफिकेशन (मूल स्थिति में बदलाव) की आएगी। यानि इस समय शहर में दौड़ रहे डीजल या एलपीजी वाले ऑटो में सीएनजी किट लगाकर उसे अनुमति नहीं दी जा सकेगी। कंपनी की सीएनजी किट लगे हुए नए ऑटो आएंगे तो शहर में इस तरह के वाहनों की संख्या और बढ़ जाएगी। एआरटीओ प्रवर्तन अमिताभ राय ने बताया कि फिलहाल तो ऐसे वाहनों का पंजीकरण या किट लगाने वाले सेंटरों की स्वीकृति पर पूरी तरह रोक है। सीएनजी पंप चालू होने के बाद अगर उच्चाधिकारी कोई निर्देश देंगे तो उसका पालन किया जाएगा।