फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Budaun News: सिपाही की ट्रेनिंग पूरी करने वाले शिवम ने पास की बिहार पीसीएस की परीक्षा, बने अफसर

Mon, 22 Jun 2026 06:13 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं

सार

बदायूं के शिवम यादव ने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में 33वीं रैंक हासिल की है। उन्होंने एक दिन पहले ही यूपी पुलिस सिपाही का प्रशिक्षण पूरा किया था। अगले ही दिन बीपीएससी का परिणाम आया, जिसमें उन्होंने सफलता हासिल की। 
विज्ञापन
लोगों ने फूल माला पहनाकर शिवम को दी बधाई। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कुछ कर दिखाने के हौसले के साथ अगर मेहनत बरकरार रखी जाए तो मुकाम तक पहुंचने में रास्ते के रोड़े भी फूल बन जाते हैं। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के शिवम यादव ने ऐसा ही कर दिखाया। उन्होंने यूपी पुलिस में सिपाही की ट्रेनिंग जिस दिन पूरी की, उसके अगले दिन ही बिहार पीसीएस (बीपीएससी) के रिजल्ट ने एक और खुशी से उनकी झोली भर दी। उन्होंने बीपीएससी में 33वीं रैंक हासिल की है।

विज्ञापन


बिहार पीसीएस की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अहीरटोला निवासी करीब शिवम यादव (28 वर्ष) को सफलता पहले ही प्रयास में मिली है। उनका सपना शुरू से ही अधिकारी बनने का रहा है। हालांकि पिछले महीनों में जब पुलिस भर्ती निकली थी तो उन्होंने भी आवेदन किया था। पुलिस में बतौर कांस्टेबल भर्ती हो गए थे।

ट्रेनिंग पूरी करने के अगले ही दिन आया रिजल्ट 
सीतापुर सेंटर पर ट्रेनिंग शुरू की, उसी दौरान बीपीएससी की परीक्षा की तारीख आ गई। परीक्षा की तैयारी के लिए उन्होंने अवकाश ले लिया। दिल्ली के मुखर्जी नगर में कोचिंग की। परीक्षा देने के बाद वह फिर से सिपाही की ट्रेनिंग पूरी करने में जुट गए। चार दिन पहले ही शिवम ट्रेनिंग पूरी कर घर लौटे तो अगले दिन ही बीपीएससी का रिजल्ट आते ही खुशी से झूम उठे।

विज्ञापन
विज्ञापन

परिवार में खुशी की माहौल 
उनके चाचा राजस्व कर्मी छत्रपाल यादव ने बताया कि शिवम ने 33वीं रैंक हासिल की है। शिवम शुरू से ही होनहार रहे हैं। पोस्ट ग्रेजुएशन किया। सिपाही के रूप में भर्ती जरूर हो गए, लेकिन सेल्फ स्ट्डी ट्रेनिंग के दौरान भी बरकरार रखी। बीपीएससी का रिजल्ट आने के बाद से उनके परिवार में खुशियों का माहौल है। आस पड़ोसियों ने उन्हें फूलमालाओं से लाद दिया। 

पहले शिवम, फिर परिजनों ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया। मां कुसुम, पिता बहादुर सिंह के साथ ही छोटी बहन निशा भी शिवम की उपलब्धि से काफी खुश हैं। पिता की दो संतान में वह इकलौते बेटे हैं। पिता प्राथमिक विद्यालय में हेड मास्टर हैं। शिवम ने बताया कि सिविल परीक्षाओं की तैयारी करने की अगर ठान लें तो मुकाम तक पहुंचने में किसी भी तरह की बाधा आड़े नहीं आती।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें