फंड से गांव में किए जाएंगे यह कार्य
योजना के तहत गांव की गलियों में लगने वाली स्ट्रीट लाइटें सोलर एनर्जी से जलेंगी। इससे रात में गांव जगमग रहेगा और पंचायत का स्ट्रीट लाइट पर होने वाला खर्च भी बचेगा। साथ ही किसानों को भी बड़ी राहत मिलेगी। सिंचाई के लिए सोलर पंप सेट लगाए जाएंगे, जिससे डीजल और बिजली पर निर्भरता खत्म होगी। गांव में सोलर प्लांट की स्थापना के साथ ही सामुदायिक भवन, स्कूल, पंचायत घर और आंगनबाड़ी केंद्र भी सौर ऊर्जा से रोशन होंगे। इससे सरकारी भवनों का बिजली बिल शून्य हो जाएगा।
आत्मनिर्भर बनेगा गांव
योजना का मुख्य उद्देश्य गांव को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। एक करोड़ की इस परियोजना से गांव का सालाना लाखों रुपये का बिजली खर्च बचेगा। साथ ही कार्बन उत्सर्जन भी कम होगा। जिले में यह पहला गांव होगा जो पूरी तरह सौर ऊर्जा पर निर्भर होगा।
यूपीनेडा के परियोजना अधिकारी प्रणव पाठक ने बताया कि रिजोला को मॉडल सोलर विलेज योजना के लिए जिला स्तरीय समिति की ओर से चयन किया गया है, जल्द ही टीम गांव में जाकर डीपीआर तैयार करेगी। आगे अन्य कार्य शुरू हो जाएंगे। इसके बाद पूरा गांव सौर ऊर्जा से लैस हो जाएगा।
ग्राम प्रधान यादवेंद्र शाक्य ने बताया कि ग्राम पंचायत का मॉडल सोलर विलेज के लिए चयन होना खुशी की बात है, इस योजना से गांव में लोगों को बिजली से मुक्ति मिलेगी और वह आत्मनिर्भर बन सकेंगे।