ग्रामीणों को दी गई यह सलाह
वैक्सीन लगवाने अस्पताल आए लोगों को स्वास्थ्य कर्मियों ने किसी तरह की दहशत में नहीं आने की सलाह दी। उन्हें बताया गया कि पहले ही साफ हो चुका है कि भैंस को कुत्ते ने नहीं काटा था। पशुपालक भी जानकारी स्पष्ट कर चुके हैं। इधर, पिपरौल के हालात और ग्रामीणों की स्थिति से लेकर रेबीज पीड़ित भैंस के मामले में लखनऊ से रिपोर्ट मांगी गई। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रामेश्वर मिश्रा के जरिये चिकित्साधीक्षक के पास पत्र पहुंचा। चिकित्साधीक्षक डॉ सर्वेश कुमार ने बताया कि शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है। दरअसल, दूध के जरिये किसी के शरीर में रेबीज नहीं पहुंचता। भैंस भले ही रैबीज पीड़ित हो, लेकिन उसकी लार के संपर्क में आने से रेबीज फैलता है।
ग्रामीण बोले- पिपरौल में कराएं वैक्सीन की व्यवस्था
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में वैक्सीन लगवाने पहुंचे लोगों में वेदराम साहू ने बताया कि उनके कुनबे में करीब 25 लोग है। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। सभी लोग वैक्सीन नहीं लगवा पाए हैं। इसी तरह कई और परिवार हैं, जिनके सदस्यों की संख्या कम नहीं है। ग्रामीणों की सहूलियत के लिए पिपरौल में ही कैंप लगाकर वैक्सीन लगाई जाए।