20 दिन में 15 श्रद्धालु डूबे, पांच की मौत
कछला गंगाघाट पर 20 दिन में कई हादसे हो चुके हैं। आठ- नौ श्रद्धालुओं को मौके पर जुटे गोताखोरों ने बचा लिया था, लेकिन बिहार में बेगूसराय निवासी छात्र मुनीश कुमार पुत्र अनिल शाह, विवेक शर्मा पुत्र प्रमोद शर्मा, निवासी दतिया, मथुरा, दिल्ली में मंगोलपुरी निवासी कुनाल उर्फ कमल पुत्र बनवारी लाल, कासगंज निवासी पीयूष पुत्र धर्मेंद्र और अब तरूण की मौत हो चुकी है। जबकि राजस्थान के भरतपुर जिले के छवि शंकर का अभी तक पता भी नहीं लग पाया है।
गंगा के भंवर में फंसे तो बाहर निकलना मुश्किल
कछला घाट पर गंगा में जहां तरूण दुबे डूबा, उसके आसपास गहराई होने के साथ भंवर बताया गया है। चश्मदीद रिश्तेदार अर्जुन ने बताया कि भंवर में जल गोलाई में तेजी से घूम रहा था। तरूण ने कुमकुम को भंवर से पहले ही बचा लिया था। अचानक वह उसी भंवर में फंस गया। फिर किसी को नजर नहीं आया। गोताखोर प्रेमपाल के मुताबिक भंवर में अगर कोई फंस जाए तो उससे बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है।