बरेली-कासगंज के बीच नई ब्राडगेज लाइन पर कछला में अंडर ग्राउंड सब-वे (रास्ता) बन कर तैयार हो गया है। स्टेशन परिसर के कायाकल्प का काम भी पूरा हो गया लेकिन निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। ट्रेन दौड़ने से पहले ही अंडर ग्राउंड रास्ते के स्टेशन वाले छोर पर मेन पिलर में दरार पड़ गई है।
नई ब्राडगेज लाइन पर बरेली और कासगंज के बीच कछला में स्टेशन तक यात्रियों की आने-जाने को सुविधा के मद्देनजर बना अंडर ग्राउंड रास्ता इकलौता है। पहले मीटरगेज लाइन थी, सो ट्रेन पुराने पुल से होकर ब्रिज स्टेशन के पश्चिमी छोर से होकर गुजरती थी। नया पुल बना तो स्टेशन वही रहा, लेकिन लाइन पूर्वी छोर पर पड़ी। ट्रेन पकड़ने के लिए यात्रियों को ट्रैक पर होकर नहीं दौड़ना पड़े, इसीलिए रेलवे ने अंडर ग्राउंड रास्ता तैयार कराया है।
अंडर ग्राउंड रास्ता एक ओर स्टेशन पर खुला, तो दूसरी तरफ वह बरेली-मथुरा हाइवे के एप्रोच रोड से जुड़ गया है। स्टेशन वाले छोर के मेन पिलर में दरार का मामला कायाकल्प के दौरान ही सामने आ गया था। सूत्रों की मानें तो इसकी शिकायत गंगा स्नान को पहुंचे कुछेक यात्रियों ने ठेकेदार से भी की थी, लेकिन गौर करने की बजाय दरार के ऊपर प्लास्टर कर दिया गया। प्लास्टर हो जाने के बावजूद दरार स्पष्ट नजर आने लगी है।
स्नानार्थियों को मुफीद रहेगा अंडर ग्राउंड रास्ता
उझानी। कछला ब्रिज स्टेशन पर बना अंडर ग्राउंड रास्ते से यूं तो हरेक यात्री को गुजरना पड़ेगा, लेकिन यह सबसे ज्यादा मुफीद खासकर स्नानार्थियों के लिए साबित होगा। स्नान पर्वों पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु गंगाघाट पर पहुंचते हैं। अंडर ग्राउंड रास्ते की चौड़ाई अधिक होने की वजह से आवागमन में भी दिक्कत नहीं होगी।
उझानी में रहेगी ओवरब्रिज की दरकार
उझानी। स्थानीय स्टेशन से सटे पंखा रोड पर ओवरब्रिज के निर्माण की मांग मीटरगेज लाइन के दौरान से उठती रही है। समाजसेवा समिति के अध्यक्ष राहुल तूफानी ने तो एक दशक में अनगिनत बार रेल मंत्रियों को ज्ञापन भी भेजे लेकिन ओवरब्रिज का मामला ठंडे बस्ते में पड़ा रहा। राहुल ने बताया ने कि आवेरब्रिज बन जाने से जहां एक फाटक कम हो जाता वहीं कादरचौक की ओर का रास्ता भी सुगम हो जाता।