कस्बे के वार्ड नंबर छह, एक, चार, दस, दो की करीब तीन सौ मीटर पुरानी सड़कों में करीब बीस पच्चीस हजार पुरानी ईंट निकली। कई दिनों तक तो यह ईंट नगर पंचायत कार्यालय के समीप रखी रही। अचानक ये ईंट गायब हो गई। जानकारी मिलने पर कुछ लोगों ने एसडीएम से इसकी शिकायत की। उन्होंने जांच कराने का आश्वासन दिया है। इस संबंध मे ईओ मुकेश जौहरी ने बताया कि पूरानी ईंटों का आगणन कर अवर अभियंता द्वारा उतनी धनराशि समायोजित कर ही लागत धनराशि का टेंडर किया जाता है। इन ईंटों से नगर पंचायत का फिर कोई लेना-देना नहीं रहता। ठेकेदार अपने हिसाब से इसका प्रयोग करते हैं। इस मामले में क्या हुआ है, यह दिखवाना पड़ेगा।