चुनाव से पहले मतदाता सूचियों को लेकर बीएलओ की भूमिका पर उठे रहे सवाल के बीच बुधवार को बरामालदेव का मामला सामने आ गए। शिकायत लेकर ब्लॉक मुख्यालय पर पहुंचे वाल्मीकि समुदाय के महिला-पुरुषों ने बीडीओ प्रतिपाल चौहान से बात की। उन्हें पूर्व की सूचियों में दर्ज अपने नाम भी दिखाए। ग्रामीणों ने बीएलओ के खिलाफ प्रदर्शन भी किया।
पूर्व प्रधान गिरीशपाल सिंह के साथ दोपहर बाद ब्लॉक कार्यालय पर पहुंचे वाल्मीकि समुदाय के ग्रामीणों ने बीडीओ से कहा कि बीएलओ ने मतदाता सूची से उनके नाम एक साजिश के तहत काटे हैं। उन्होंने इसमें प्रधान की भूमिका पर भी सवाल उठाया। बोले- प्रधान और बीएलओ ने एक राय होकर उन्हें मतदान से वंचित रखने का षडयंत्र रचा है। ग्रामीण महिला-पुरुषों ने अपने वोटर आईडी कार्ड भी दिखाए। बीडीओ ने बीएलओ को भी बुलवाया लेकिन वह भनक लगते ही खिसक गया।
गुस्साए ग्रामीणों ने ब्लॉक कार्यालय के बाहर बीएलओ के खिलाफ नारेबाजी भी की। करीब एक घंटा तक गेट पर डटे रहे महिला-पुरुषों ने बीडीओ की पहल पर अपनी शिकायत भी दर्ज कराई है। आरोप है कि बीएलओ की पहले भी शिकायत की गई थी लेकिन उस वक्त गौर नहीं किया गया। प्रदर्शनकारियों में विजय वाल्मीकि, शांतिदेवी, मेघसिंह, राजेंद्र, राजनदेवी, उजागर, खुशीराम, बीना, चांदनी, विशाल, वीरपाल और अनुज कुमार आदि शामिल थे।
शिकायत पर जांच का आदेश
उझानी। बरामालदेव के वाल्मीकियों की शिकायत पर बीडीओ प्रतिपाल सिंह ने आरोपी बीएलओ के खिलाफ जांच का आदेश दिया है। उन्होंने शिकायतकर्ताओं से कहा कि सच्चाई का पता लगाने का प्रयास किया जाएगा। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई भी होगी।