बीडीओ भीमजी उपाध्याय ने बताया कि अन्य ग्राम पंचायत अधिकारियों की तरह
ग्राम पंचायत अधिकारी बन्ने लाल को भी सात गांवों में पोलिंग बूथ बनाने की
जिम्मेदारी सौंपी गई लेकिन उन्होंने पोलिंग बूथ नही बनाए। सेक्टर
मजिस्ट्रेटों के निरीक्षण के दौरान जब इसकी जानकारी हुई तो अधिकारियों में
हड़कंप मच गया। क्योंकि मतदान के एक दिन पूर्व की तैयारियों में यह सबसे
गंभीर मामला था। बीडीओ उपाध्याय को जब यह पता लगा तो उन्होंने ग्राम पंचायत
अधिकारी बन्ने लाल से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया। फोन भी नहीं
उठाया गया। बाद में अन्य कर्मचारियों का सहयोग लेकर पोलिंग बूथ बनवा दिए
गए।
इस प्रकरण में बीडीओ ने आरोपी ग्राम पंचायत अधिकारी के निलंबन की
संस्तुति उच्चाधिकारियों को भेजी है। इससे ग्राम पंचायत अधिकारी पर निलंबन
की गाज गिरना तय माना जा रहा है।