बदायूं। बेसिक शिक्षा विभाग ने जिले में कक्षा तीन से आठ तक की किताबों को भेज दिया है। वितरण के लिए ब्लॉक स्तर पर स्थित बीआरसी केंद्रों तक किताबें पहुंच गईं हैं, लेकिन अब तक सभी स्कूलों में इनका वितरण नहीं हुआ है। कक्षा एक व दो की किताबें अभी शासन स्तर से नहीं आईं हैं।
नया शैक्षिक सत्र एक अप्रैल से शुरू हो गया है। जिले में कुल 2155 विद्यालय में 1502 प्राथमिक, 356 उच्च प्राथमिक, 297 कंपोजिट विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में करीब साढ़े तीन लाख छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इनको एक अप्रैल से किताबोें के वितरण की बात कहीं गई थी। इसके लिए शासन स्तर से कक्षा तीन से आठ तक के छात्र-छात्राओं के लिए करीब 25 लाख किताबों का वितरण होना था। ऐसे में मार्च में करीब 90 प्रतिशत किताबें विभाग को मिल गईं थीं, जबकि शेष किताबें दो अप्रैल को विभाग को प्राप्त हो गईं।
शासन द्वारा पहली बार जिले में अप्रैल के प्रथम सप्ताह में कक्षा तीन से आठ तक की किताबें भेजी गईं हैं। हालांकि बीआरसी से स्कूलों में किताबों को भेजने में लापरवाही की जा रही है। यही वजह है कि किताबों को स्कूलों तक पहुंचने में समय लग रहा है। इस संबंध में स्वाति भारती ने बताया कि अप्रैल के आखिरी सप्ताह में सभी किताबों का शत-प्रतिशत वितरण करा दिया जाएगा।
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वजीरगंज के स्कूलों तक नहीं पहुंचीं किताबें
वजीरगंज। विभाग द्वारा बीआरसी पर किताबों को पहुंचा दिया गया है, लेकिन विद्यालयों में इनका वितरण नहीं कराया गया है। यही वजह है कि कस्बे प्राथमिक विद्यालय में अभी तक किताबें नहीं पहुंची हैं। इसकी वजह से छात्र-छात्राएं बिना किताबों के पढ़ाई करने को मजबूर है। शिक्षिका प्रवेश सिंह ने बताया कि अभी किताबें नहीं मिली हैं। जल्द ही मिलने की बात कहीं जा रही है। जैसे ही किताबें मिल जाएगी। उनका वितरण करा दिया जाएगा। प्राथमिक विद्यालय गोटिया की प्रधानाध्यापिका मीना ने बताया कि कक्षा एक और दो के छात्र-छात्राओं की किताबें नहीं आईं हैं। तीन, चार व पांच के बच्चों की किताबें आने के बाद वितरित कर दी गईं।
अलापुर के अधिकतर स्कूलों में किताबें नहीं पहुंच सकीं
अलापुर। ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर किताब पहुंच गई है। वहां से स्कूलों में इसका वितरण कराया जा रहा है, लेकिन अभी तक अधिकांश उच्च व प्राथमिक विद्यालय मेें इसका वितरण नहीं हो सका है। उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक साहब सिंह ने बताया कि बीआरसी पर बात हुई है। जल्द ही किताबें उपलब्ध हो जाएंगी। इसका वितरण करा दिया जाएगा।
अलापुर के प्राथिमिक विद्यालय में पढ़ते बच्चे। संवाद