उसहैत। थाना क्षेत्र में शनिवार को गेहूं के खेत में एक पेड़ के नीचे एक शव पड़ा मिला। ग्रामीणों ने शव की शिनाख्त गांव पदमपुर निवासी किसान रामशरण (42 साल) पुत्र राजपाल के रूप में की। परिजनों का आरोप है कि संपत्ति विवाद में उनके बड़े भाई और भतीजों ने हत्या कर शव खेत में फेंक दिया। घटना के बाद से आरोपी परिवार समेत घर छोड़कर दिल्ली की ओर चले गए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
परिजनों के अनुसार, पदमपुर निवासी 42 वर्षीय रामशरण पुत्र राजपाल सिंह पांच भाइयों में एक थे। उनका अपने बड़े भाई मुन्नालाल से काफी समय से संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। परिजनों का आरोप है कि इसी विवाद के चलते मुन्नालाल, उसके बेटे गोविंद और आनंद तथा पारिवारिक भाई रामखिलाड़ी अक्सर रामशरण के साथ मारपीट और गाली-गलौज करते थे।
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले रामशरण अचानक घर से लापता हो गए। काफी देर तक घर न लौटने पर परिजनों को चिंता हुई। उन्होंने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। शनिवार सुबह जब परिजन दोबारा खोजबीन में जुटे तो गांव के बाहर जंगल क्षेत्र में गेहूं के खेत में एक पेड़ के नीचे रामशरण का शव पड़ा मिला।
शव मिलने से परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने सीधे तौर पर मुन्नालाल, उसके पुत्र गोविंद व आनंद और रामखिलाड़ी पर हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि आरोपियों ने ही रामशरण की हत्या कर शव खेत में फेंक दिया।
घटना के बाद सभी आरोपी घर से घरेलू सामान समेटकर चार पहिया वाहन से दिल्ली भाग गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। पीड़ित परिजनों ने नामजद तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। सीओ दातागंज राहुल पांडेय कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच के बाद पुलिस उचित कार्रवाई करेगी।