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बीओबी शाखा में तालाबंदी के बाद हाईवे किया जाम

Tue, 29 Nov 2016 11:16 PM IST
बदायूं, ब्यूरो
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बीओबी शाखा में तालाबंदी के बाद हाईवे किया जाम - फोटो : अमर उजाला
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सर्व यूपी और बीओबी करा रहीं सरकार की किरकिरी
उघैती में भी उपभोक्ताओं का सर्व यूपी बैंक पर हंगामा
 केंद्र सरकार की नोटबंदी के 21 दिन बाद ज्यादातर बैंकों में काम पटरी पर आ गया है, लेकिन, बैंक ऑफ बड़ौदा और सर्व यूपी ग्रामीण बैंक अब भी सरकार की किरकिरी कराने पर तुली हुई हैं। मंगलवार को वजीरगंज में बीओबी शाखा प्रबंधक की कार्यप्रणाली से नाराज महिलाओं और छात्राओं में बैंक शाखा में तालाबंदी करने के बाद हाईवे पर जाम लगा दिया। करीब दो घंटे तक हंगामा होता रहा। बाद में एसओ एनके सिंह ने समझाबुझा कर मामले को शांत किया। 
वजीरगंज स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा पर मंगलवार सुबह से ही ग्राहकों की लाइन लग गई। बैंक खुलने के कुछ देर बाद ही बाहर करेंसी न होने संबंधी नोटिस चस्पा कर दिया गया। इससे लाइन में लगीं महिलाएं और छात्राएं गुस्सा गईं। शाखा प्रबंधक आरपी रजक से बात करने पर उन्होंने अभद्रता कर दी। इससे गुस्साईं महिलाओं और छात्राओं ने बैंक में तालाबंदी करने के बाद हाईवे पर जाम लगा दिया। उनका आरोप था कि बैंक में चहेतों को मोटी रकम दी जा रही है। करीब दो घंटे तक बैंक का स्टाफ अंदर ही बंद रहा। बाद में एसओ एनके सिंह ने लोगों को समझाबुझा कर जाम और बैंक के ताले खुलवाए। इधर, उघैती स्थित सर्व यूपी ग्रामीण बैंक के बाहर भी उपभोक्ताओं ने हंगामा किया। तमाम लोगों को यहां नगदी नहीं मिल सकी। शाखा प्रबंधक का कहना है कि एक लाख रुपये ही मिले थे। इनका वितरण करने के बाद रकम खत्म हो गई। 
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आसफपुर में हंगामा कर लगाया जाम
आसफपुर। सर्व यूपी ग्रामीण बैंक के कर्मियों की कार्यप्रणाली से गुस्साए लोगों ने मध्यान्ह तीन बजे हंगामा कर बिलारी मार्ग पर जाम लगा दिया। लोगों का रुख देखकर बैंक स्टाफ ताला डालकर वहां से खिसक लिया। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत कराया। करीब एक घंटे के बाद जाम खुल सका। लोगों का आरोप था कि उनको नगदी नहीं मिल रही है। इससे आर्थिक संकट गहरा रहा है। 
रबी की बुवाई का संकट खड़ा 
बिसौली। नोटबंदी के चलते खरीफ  की फसल की बिक्री ढंग से न होने की वजह से किसानों के सामने रबी की फसल की बुवाई का संकट पैदा हो गया है। पेशगी और बटाई पर खेती करने वाले मेहनतकश किसानों के सामने गेहूं आदि फसलों की बुवाई का संकट चुनौती बन गया है। 
स्थानीय मंडी समिति में नोटबंदी से गल्ला व्यापारी उड़द, बाजरा, धान आदि की खरीद नहीं कर रहे हैं। सरकारी स्तर पर भी धान खरीद की प्रशासन ने कोई व्यवस्था नहीं की है। इससे किसान वर्ग बेहद परेशान दिखाई दे रहा है।  किसानों ने पांच सौ-हजार के पुराने नोट से डीजल की व्यवस्था कर खेतों में पलेवा तो कर लिए हैं, लेकिन बीज, खाद, पेस्टीसाइड खरीदने के लिए उत्पादित फसल नहीं बिकने के कारण बड़ा संकट खड़ा हो गया है। 
उसहैत। सर्व यूपी ग्रामीण बैंक शाखा में रुपये जमा करने वाले किसान छोटे और  नए नोट न मिलने की वजह से बुवाई नहीं हो पा रही है, जिससे लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों के अनाज को व्यापारी सस्ती कीमतों में खरीद रहे हैं।

परेशान बैंक अफसर कर रहे कैश की मांग 
जरीफनगर। नोटबंदी के 21 दिन बाद भी लोगों की समस्या हल नहीं हो पा रही है। लोगों ने बैंकों में रुपये तो जमा कर दिए, लेकिन निकाल नहीं पा रहे हैं। इससे उनमें आक्रोश है। बैंकों के पास भी रुपये न होने से अफसर और कर्मचारी परेशान हैं। वे आला अफसरों से रुपये भेजने की मांग कर रहे हैं। एटीएम में रुपये खत्म होने से परेशानी बढ़ी नजर आ रही है। 
फड़िया दुकानदार कम कीमत में खरीद रहे धान 
बिल्सी। कृषि उत्पादन मंडी समिति में मंगलवार को छुट पुट गल्ला खरीद शुरू हुई, जबकि गल्ला आढ़तियों ने खरीद बंद रखी। नगर की ओरियंटल बैंक ऑफ  कॉमर्स के प्रभारी प्रबंधक दिनेश चंद्रा, अवनीत कुमार, शाहिल कुमार, कमर खां, मनीश आदि ने 16 लाख रुपये से वितरित किए। इससे लोगों को राहत मिली, जबकि एटीएम बंद होने से लोग परेशान हैं। फड़िया दुकानदार कम कीमत में फसल खरीद कर रहे हैं। 
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आक्रोशित लोगों ने बदायूं रोड पर लगाया जाम 
दातागंज। नगर क्षेत्र में स्थित पीएनबी की डहरपुर कलां बैंक शाखा के बाहर लाइन में लगे लोगों ने बैंक खुलने से पहले ही वहां पर जाम लगा दिया। इससे बदायूं रोड पर वाहनों का आवागमन बिल्कुल बंद हो गया। मामले की सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने बमुश्किल जाम खुलवा पाया। बैंक खुलने के बाद आक्रोशित लोग शांत हुए।
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