उन्होंने कहा है कि वैसे तो मामले की जांच तीन सदस्यीय कमेटी के साथ सिविल लाइंस पुलिस भी जांच कर रही है। इसको डॉक्टर किस नजरिये से देख रहे हैं। इससे उनके विचार भी सामने आने चाहिए, ऐसे में मेडिकल कॉलेज के तीन डॉक्टरों का बोर्ड भी गठित किया गया है।
डीएम के अनुसार, जांच कुछ ही दिनों में पूरी करके सब स्पष्ट कर दिया जाएगा। इस बोर्ड में शामिल डॉक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि उनकी जांच में सभी तथ्य शामिल होने चाहिए, जिससे इस मामले की सही जांच हो सके।
डीएम मनोज कुमार ने कहा कि महिला के शव की आंखें निकालने के मामले की जांच चल रही है। इसमें सभी पहलुओं को शामिल किया जाएगा। राजकीय मेडिकल कॉलेज के तीन डॉक्टरों का एक बोर्ड भी गठित किया गया है, जिससे डॉक्टरों का भी विचार सामने आ सके। प्राथमिक जांच में दोनों डॉक्टर दोषी पाए गए हैं। इससे उन्हें जेल भेज दिया गया है। अभी इसकी विस्तृत जांच रिपोर्ट आएगी।