यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं को नकल विहीन संपन्न कराने को छह सचल दल गठित किए गए हैं। जहां पर केवल बालिकाएं परीक्षा देंगी वहां पर एक बाहरी केंद्र व्यवस्थापक को भी तैनात किया जाएगा। छह फरवरी से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो रहीं हैं। जिले में इस बार 77 केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 39 वित्तविहीन, 33 अनुदान प्राप्त विद्यालय और पांच राजकीय इंटर कॉलेज हैं। इन केंद्रों पर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 61 हजार से अधिक परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। शासन की मंशा परीक्षाओं को पूरी तरह नकलविहीन संपन्न कराना है। इसके लिए शासन की ओर से विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश भी जारी किए गए हैं। पहली बार निर्देश दिए गए हैं कि सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरें लगेंगे। इस कार्य को जल्द ही पूरा कराने को सभी केंद्र व्यवस्थापक-प्रधानाचार्यों को निर्देश डीआईओएस की ओर से जारी किए जा चुके हैं। साथ ही पिछले दिनों यहां आईं जेडी ने भी केंद्र व्यवस्थापकों को सीसीटीवी कैमरे लगवाने के निर्देश दिए थे। सोमवार को डीआईओएस मुन्ने अली ने बताया कि परीक्षाओं में नकल रोकने को छह सचल दल गठित किए गए हैं। जिनमें एक उनके नेतृत्व में रहेगा। बाकी डायट प्राचार्य, बीएसए, जीजीआई बदायूं, दातागंज के प्रधानाचार्य और एक लेखाधिकारी की अगुवाई में सचल दल गठित किया गया है। डीआईओएस ने बताया कि जिस केंद्र पर केवल बालिकाएं परीक्षा देंगी वहां पर एक बाहरी केंद्र व्यवस्थापक को भी तैनात किया जाएगा।
केंद्र व्यवस्थापकों को आज देनी है कक्ष निरीक्षकों की डिमांड
डीआईओएस मुन्ने अली ने बताया कि सभी केंद्र व्यवस्थापकों को मंगलवार की शाम तक हर हाल में उनके कार्यालय को इस बात की जानकारी उपलब्ध करानी होगी कि उनके केंद्र पर कितने कक्ष निरीक्षकों की आवश्यकता है। इसमें किसी तरह की लापरवाही को सहन नहीं किया जाएगा।
50 फीसदी कक्ष निरीक्षक होंगे बाहर के
डीआईओएस के मुताबिक सभी केंद्रों पर 50 फीसदी कक्ष निरीक्षक बाहर के तैनात किए जाएंगे। संबंधित विषय के कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी उस दिन नहीं लगेगी। यदि कहीं पर ऐसा किया जाता है तो संबंधित केंद्र व्यवस्थापक के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
संवेदनशील केंद्रों पर रहेगी एसटीएफ की नजर
डीआईओएस ने बताया कि गत छह जनवरी को सूबे के डिप्टी सीएम ने सभी विभागीय अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बताया था कि संवेेदनशील केंद्रों पर एसटीएफ की नजर रहेगी। सादा वर्दी में एसटीएफ को लगाया जाएगा। ताकि नकल माफिया पर भी नकेल कसी जा सके।
पहली बार देनी होगी कक्षों की संख्या
किस केंद्र पर कितने कक्ष बनाए जाएंगे इस बात की जानकारी भी केंद्र व्यवस्थापकों द्वारा जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को पहले देनी होगी। सभी कक्षाओं में सीसीटीवी कैमरे भी लगेंगे। प्रश्नपत्र सीसीटीवी कैमरे के सामने ही खोले जाएंगे। साथ ही उनका रखरखाव भी सीसीटीवी कैमरों में रहेगा।