उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद यानी यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा मार्च के दूसरे हफ्ते से शुरू होनी है और उसमें महज 15-20 दिन का वक्त बाकी है लेकिन माध्यमिक शिक्षा विभाग की तैयारियां अभी पूरी तरह से अधूरी हैं। 111 केंद्र बनाए जाने के बाद से डीआईओएस खाली बैठे हैं। उन्होंने अभी तक न तो केंद्र व्यवस्थापक बनाए हैं, न ही कक्ष निरीक्षकों की प्रबंध ही किया है। बोर्ड के नियमानुसार 40 बच्चों पर दो कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई जानी है। जिले में हाईस्कूल-इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा के लिए परीक्षार्थियों की संख्या 53763 है। इसके मुताबिक कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी के लिए लगभग 2650 शिक्षकों की आवश्यकता होगी, लेकिन चौंकाने वाली बात है कि जिले मेें परीक्षा का दारमोदार संभाले डीआईओएस को यही नहीं मालूम कि इन शिक्षकों का इंतजाम कैसे होगा। अभी तक उन्होंने यही आंकड़े नहीं जुटाए हैं कि जिले में माध्यमिक के शिक्षक कितने हैं। संख्या पूछने पर उन्होंने बताया कि अभी स्कूटनी बनी नहीं है।
जाहिर है कि ऐसे में ऐन मौके पर परीक्षाओं की तैयारी होने से तमाम अनियमितताएं सामने आएंगी। परीक्षाओं की तैयारी पहले से नहीं की जाती है और बाद मेेें शिक्षकों की कमी रह जाती हैं। ऐसे मेें कई-कई बार तो पूरे-पूरे केंद्र पर एक ही शिक्षक को कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी करके परीक्षा करानी पड़ती है। इससे नकल जैसी स्थिति सामने आती हैं। वहीं, अभी सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक मजिस्ट्रेट और संवेदनशील स्कूलों की सूची भी तैयार नहीं पाई हैं। जनपद में सिर्फ बोर्ड परीक्षा केन्द्र बनाने और कापियां आने तक ही तैयारियां सिमट गई है।
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परीक्षार्थी आंकड़े
हाईस्कूल- 32845
इंटरमीडिएट-20918
परीक्षाथियों की कुल संख्या-53763
परीक्षा केंद्र-111
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अभी देख रहे हैं कि कितने शिक्षकों की जरूरत बोर्ड परीक्षा में होगी। फिलहाल बता पाना संभव नहीं है कि हमारे पास कितने शिक्षक हैं। समय रहते तैयारी पूरी कर ली जाएंगी। बोर्ड परीक्षाएं सुचारू और नकलविहीन कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
-राकेश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक