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वित्तपोषित कॉलेजों में लगा दिए जीआईसी के शिक्षक

Sun, 15 Feb 2015 11:59 PM IST
बदायूं।
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यूपी बोर्ड परीक्षा कराने में जहां माध्यमिक शिक्षा विभाग व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के दावे कर रहा है। वहीं अनियमितताएं भी नजर आने लगी हैं। चर्चा है कि शहर के दो महिला इंटर कॉलेज में मौजूदा प्रिंसिपल को केंद्र व्यवस्थापक न बनाकर अन्य कॉलेजोें के प्रवक्ताओं को केंद्र व्यवस्थापक बनाकर भेजा जा रहा है। इतना ही नहीं राज्यपाल से पुरस्कृत प्रिंसिपल की जगह प्रवक्ता को केंद्र व्यवस्थापक बनाए जाने की चर्चा है।
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परीक्षा शुरू होने में महज तीन दिन शेष बचा है। पर अभी तक केंद्रों की व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हो सकी हैं। स्कूलों के शिक्षकों का कहना है कि माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा अभी तक न ही कक्ष निरीक्षकों की कोई सूचना दी जा रही है और न ही केंद्र व्यवस्थापक की। ऐसे में असमंजस की स्थिति भी बनी हुई है।
सूत्रों की मानें तो शहर के एक वित्तपोषित महिला इंटर कॉलेज में राजकीय इंटर कॉलेज की प्रवक्ता को भेजा जा रहा है। शिक्षक इसे नियम विरुद्ध बता रहे हैं। बताया जाता है कि अगर प्रिंसिपल पर कोई आरोप नहीं है तो ऐडेड स्कूल में बाहर का केंद्र व्यवस्थापक नहीं भेजना चाहिए। वहीं एक और महिला इंटर कॉलेज में राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त प्रिंसिपल की जगह वहीं की प्रवक्ता को केंद्र व्यवस्थापक बनाने की चर्चा है। हालांकि दोनों कॉलेज की प्रिंसिपल ने ऐसी जानकारी होने से इंकार किया है। केंद्र व्यवस्थापकों की जानकारी जुटाने के लिए रविवार को प्रिंसिपल माध्यमिक दफ्तर के चक्कर लगाते रहे, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी।
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दो दिन पहले दी जाएगी जानकारी
इस्लामियां इंटर कॉलेज में होने वाली मीटिंग में सभी प्रिंसिपल को जानकारी दी जाएगी कि किसे कहां की जिम्मेदारी दी जाएगी। प्रधानाचार्यों का कहना है कि दो दिन पहले जानकारी देना बोर्ड परीक्षा में व्यवधान पैदा करने के बराबर है। इस तरह की मीटिंग परीक्षा शुरू होने से 15 दिन पहले होनी चाहिए थी।

केंद्रों को नहीं बताए गए सेंटर
आरोप है कि जिले में बनाए गए सौ केंद्रों में से अधिकांश केंद्रों को इस बात की जानकारी तक नहीं दी गई है कि आखिर उनके यहां किस विद्यालय का सेंटर आया है, कौन से बच्चे परीक्षा देंगे। इतना ही नहीं कुछ कॉलेजों को छोड़कर बच्चों की संख्या तक नहीं बताई गई है।
इससे परीक्षार्थियों को बैठाने की व्यवस्था करने में खासी परेशानी उठानी पड़ रही है।

परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर व्यवस्थाएं की गई हैं। किसी भी प्रकार की अनियमितता न होने पाए इसका भी ध्यान रखा गया है। केंद्र व्यवस्थापक बना दिए गए हैं। जानकारी मुहैया कराई गई है। सभी आरोप निराधार हैं।
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- वीना यादव, डीआईओएस।
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