यूपी बोर्ड की परीक्षा के लिए बेहतर व्यवस्था का राग जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय भले ही अलाप रहा है। मगर कई स्कूलों की दशा इतनी खराब है कि वहां बच्चों को जमीन पर बैठक परीक्षा देनी पड़ेगी। कई स्कूलों के प्रधानाचार्यों ने बुधवार को अफसरों से मिलकर बताया कि उनके यहां बैठने की जितनी व्यवस्था है उससे अधिक बच्चों को भेजा गया है। इससे उन परीक्षार्थियों को टाट पट्टी पर बैठाकर परीक्षा देना पड़ेगा। मगर अफसरों ने भी हाथ खड़े कर लिए। उदाहरण के तौर पर निमाजपुर इंटर कॉलेज में पांच सौ की क्षमता की जगह आठ सौ से अधिक विद्यार्थी भेज दिए गए हैं। इसलिए वहां बच्चों को बैठने के लिए बुधवार को टाट पट्टी बिछवाई गई। जिला विद्यालय निरीक्षक वीना यादव ने कहा कि सभी तैयारियां पूरी हैं। निर्देश दिए जा चुके हैं। स्कूलों में फर्नीचर की व्यवस्था करने के लिए पहले ही कहा जा चुका था। नकल की सूचना मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
परिषदीय स्कूलों में शिक्षण कार्य होगा प्रभावित
बदायूं। बोर्ड परीक्षा के कारण परिषदीय स्कूलों की शिक्षा भी एक महीने बेपटरी हो जाएगी। बोर्ड परीक्षा में इस बार बेसिक शिक्षा के करीब डेढ़ हजार से अधिक शिक्षकों की ड्यूटी लगाने की तैयारी की गई है। इस व्यवस्था से परिषदीय स्कूलों की पढ़ाई प्रभावित होनी तय है। इतना ही नहीं कई विद्यालय एकल हैं वहां ताला लटकने की नौबत तक आ जाएगी। प्रत्येक ब्लॉक से 150 शिक्षकों की डिमांड की गई है। इसमें से करीब 1610 शिक्षक बोर्ड परीक्षा के लिए रिलीव कर दिए गए हैं।
फैक्ट फाइल
जिले में परिषदीय स्कूलों की स्थिति
प्राइमरी स्कूल बच्चों की संख्या
1822 2,64,253
657 70,080
बोर्ड परीक्षा में लगाए गए बेसिक शिक्षक करीब 1610।
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बोर्ड परीक्षा कराने के लिए शिक्षकों की डिमांड की गई थी। अभी तक करीब 1610 शिक्षक रिलीव कर दिए हैं। डिमांड आ रही है। इसकी व्यवस्था की जा रही है। इस बात का भी ध्यान रखा गया है कि परिषदीय स्कूलोें की शिक्षा भी प्रभावित न होेने पाए। सभी शिक्षकों को समय से केंद्र पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
- कृपाशंकर वर्मा, बीएसए।