बदायूं। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल, इंटरमीडिएट परीक्षा की स्कीम जारी होने के बाद माध्यमिक विद्यालयों में परीक्षा की तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। अब शिक्षकों के सामने निर्धारित समय में पाठ्यक्रम पूरा कराने के साथ विद्यार्थियों को दोहराव व मॉडल पेपर के अभ्यास का पर्याप्त अवसर देने की चुनौती है। विद्यालयों में बचे हुए अध्यायों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जा रहा है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से परीक्षा की तिथि तय होने से विद्यार्थियों के पास तैयारी के लिए उपलब्ध समय का आकलन करना आसान हो गया है। राजकीय इंटर कॉलेज की नूतन रानी ने बताया कि शिक्षक अब केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि विद्यार्थियों की विषयवार तैयारी पर भी ध्यान दे रहे हैं। जिन विषयों में छात्र-छात्राओं को कठिनाई होती है, उनमें अतिरिक्त अभ्यास और सवालों को हल कराने पर जोर दिया जा रहा है।
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा विद्यार्थियों के शैक्षिक भविष्य के लिहाज से महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद मॉडल पेपर हल कराना, पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास कराना और कमजोर विषयों की पहचान करना जरूरी होगा। शिक्षक मुकेश का प्रयास है कि विद्यार्थियों को परीक्षा से पहले दोहराव का पर्याप्त समय मिल सके। स्कूलों में पढ़ाई की गति बढ़ने के साथ विद्यार्थियों को नियमित उपस्थिति और घर पर समय-सारिणी बनाकर अध्ययन करने की सलाह दी जा रही है। डीआईओएस लालजी यादव ने बताया कि सभी शिक्षकों को पाठ्यक्रम समय से पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं।