सांसद पर आरोप लगाने वाले आबिद को टिकट देने का विरोध
कहा- सांसद अपना सम्मान नहीं बचा पाए तो समर्थकों का कैसे बचाएंगे
टिकटों की घोषणा के बाद समाजवादी पार्टी में बगावत का सिलसिला थमने में नहीं आ रहा है। दातागंज में पूर्व विधायक प्रेमपाल सिंह यादव के बाद सपा की प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य हरप्रसाद पटेल ने भी सांसद धर्मेंद्र यादव पर गंभीर आरोप लगाने वाले आबिद रजा को शहर सीट से टिकट दिए जाने का विरोध करते हुए रविवार को अपने समर्थकों के साथ पद और पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। कार्यकर्ताओं के बीच उन्होंने कहा कि सांसद धर्मेंद्र यादव जब अपना ही सम्मान नहीं बचा सके तो कार्यकर्ताओं का सम्मान कैसे बचा पाएंगे।
रविवार को प्रेसवार्ता बुलाकर हरप्रसाद ने सपा छोड़ने का एलान किया। उन्होंने कहा कि आबिद रजा खां ने सांसद धर्मेंद्र यादव पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। इससे पार्टी की छवि खराब हुई थी और इसी कारण आबिद को पार्टी से निकाल दिया गया था। इसके बावजूद पार्टी ने आबिद रजा को प्रत्याशी बना दिया। इससे न सिर्फ पार्टी में अनुशासनहीनता को बढ़ावा मिलेगा बल्कि कार्यकर्ता भी हतोत्साहित होंगे। उन्होंने कहा कि इस टिकट से सांसद धर्मेंद्र यादव के साथ उनके सभी समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं का भी अपमान हुआ है।
उन्होंने कहा कि जिस पार्टी में सांसद के सम्मान का कोई मूल्य नहीं, ऐसी पार्टी में बने रहना वह मुनासिब नहीं समझे इसलिए सपा छोड़ने का निर्णय लिया है। हरप्रसाद ने कहा कि वह चुनाव में सपा प्रत्याशी आबिद रजा का विरोध करेंगे। हरप्रसाद ने अगले कदम का खुलासा अभी नहीं किया है। इतना जरूर कहा कि सपा के प्रत्याशी आबिद रजा को हराने वाले प्रत्याशी का चुनाव में साथ देंगे। उनके साथ समाजवादी युवजन सभा के नगर अध्यक्ष दीपक किशोर शर्मा, मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के नगर अध्यक्ष संजय साहू, लोहिया वाहिनी नगर अध्यक्ष अमित महाजन, तीर्थेंद्र पटेल समेत तमाम समर्थकों ने भी सपा से इस्तीफा दे दिया है। बता दें कि आबिद को टिकट दिए जाने के विरोध में इससे पहले श्रम सलाहकार बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. यासीन अली उस्मानी और अखिलेश यादव की पहली सूची के उम्मीदवार फखरे अहमद शोबी ने भी पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था।