फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Budaun News: डेटा मैच न होने पर बीएलओ ले रहे तीसरे विकल्प का सहारा

विज्ञापन
एसआईआर के संबंध में आवास विकास में लोगों से जानकारी लेते सिटी मजिस्ट्रेट सुरेश पाल। स्रोत प्रशा
विज्ञापन
बदायूं। एसआईआर प्रक्रिया के दौरान फॉर्म भरने के बाद जब बीएलओ एप पर डेटा अपलोड कर रहे हैं, तो उन्हें गंभीर तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बीएलओ का कहना है कि एप पर अधिकांश फॉर्म अपलोड करते समय डेटा नॉट फाउंड दिखा रहा है। कई प्रयासों के बाद भी जब जानकारी मैच नहीं हो पा रही, तो वे मजबूरन निर्वाचन आयोग द्वारा दिए गए तीन विकल्पों में से तीसरा विकल्प चुनकर फार्म सबमिट कर रहे हैं।
विज्ञापन




बिनावर में तैनात बीएलओ प्यारेलाल गौतम ने बताया कि एप पर डेटा मैपिंग अभी नहीं हो पा रही है। ऐसी स्थिति में पहले दो विकल्प चुनने पर कोई विवरण उपलब्ध नहीं हो रहा। निर्वाचन आयोग ने वर्ष 2003 की वोटर लिस्ट के आधार पर तीन विकल्प तय किए हैं। मतदाता का नाम 2003 की सूची में होना, परिवार के किसी सदस्य का नाम 2003 की सूची में होना, अथवा दोनों में से किसी का भी नाम न होना, लेकिन एप पर जानकारी न मिलने के कारण काफी परेशानी हो रही है।



मजबूरी में तीसरा विकल्प तय करना पड़ रहा है। करीब 40 नाम ऐसे में मजबूरी में तीसरे विकल्प में चढ़ाने पड़े हैं। बिचौला में तैनात बीएलओ अवधेश कुमार ने कहा कि घरों पर महिलाएं मिल रही हैं, जो सटीक जानकारी नहीं दे पा रहीं हैं। वहीं, कई लोग ऐसे हैं, जो तलाशने पर भी नहीं मिल पा रहे हैं। बताया जा रहा है, वह परिवार समेत अन्य राज्यों में चले गए हैं।
विज्ञापन






मतदाता सूची पुनरीक्षण में सख्ती, दो जगह से फॉर्म भरने पर होगी कार्रवाई
- पारदर्शिता और शुद्धता के लिए सावधानी जरूरी, बीएलओ को भी दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान अधिकारियों ने मतदाताओं को फॉर्म भरते समय पूरी सतर्कता बरतने की सलाह दी है। कहा कि कोई भी व्यक्ति एक से अधिक स्थानों से एसआईआर फॉर्म नहीं भर सकता। यदि कोई मतदाता दो जगह से फॉर्म भरते हुए पाया जाता है या गलत जानकारी देता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पुनरीक्षण अभियान को पारदर्शी व समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के लिए प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है। अपर जिला अधिकारी डॉ. वैभव शर्मा ने बताया कि लापरवाही अथवा अनजान में कई लोग अलग-अलग जगह से फॉर्म जमा कर देते हैं। इससे रिकॉर्ड में गड़बड़ी होती है। भारतीय निर्वाचन आयोग ने ऐसे मामलों को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि एक मतदाता का पंजीकरण केवल एक ही पते पर वैध माना जाता है, इसलिए दो जगह से फॉर्म भरे जाने की स्थिति में इसे नियम उल्लंघन माना जाएगा और कार्रवाई तय है। एडीएम ने यह भी कहा कि फॉर्म में दर्ज हर जानकारी तथ्य आधारित और सही होनी चाहिए। अक्सर पता, उम्र या पारिवारिक विवरण में की गई छोटी-सी गलती भी आगे चलकर बड़ी समस्या बन जाती है।
उन्होंने कहा कि गलत जानकारी के कारण न सिर्फ फॉर्म निरस्त हो सकता है, बल्कि भविष्य में पहचान सत्यापन और सरकारी दस्तावेज तैयार करने में भी बाधाएं आ सकती हैं। वहीं, अधिकारियों ने बीएलओ को निर्देशित किया है कि वे घर-घर जाकर मतदाताओं को सही प्रक्रिया समझाएं, ताकि किसी को भी अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

फॉर्म भरते समय ध्यान रखने योग्य बातें
-एक मतदाता केवल एक ही स्थान से एसआईआर फॉर्म भरे।
-दो जगह से फॉर्म भरने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
-फॉर्म में दी गई जानकारी पूरी तरह तथ्यात्मक और सही हो।
-गलत विवरण भविष्य में पहचान और दस्तावेज सत्यापन में दिक्कत पैदा कर सकता है।
-फॉर्म भरने से पहले सभी विवरण दोबारा जांच लें।

नगर निकायों में संचालित
है एआईआर हेल्प डेस्क
- कोई भी समस्या होने पर कर्मचारी करेंगे तत्काल सहायता
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। चुनाव आयोग के निर्देश पर जिले की सभी नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में एसआईआर (विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण) के लिए हेल्प डेस्क स्थापित की गईं हैं। ताकि मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य के दौरान लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
नगर निकायों में तैनात प्रशिक्षित कर्मचारी यहां आने वाले नागरिकों की हर संभव मदद कर रहे हैं। फॉर्म कैसे भरा जाए, किन दस्तावेजों की आवश्यकता होगी, क्या सुधार किया जा सकता है। इन सभी बिंदुओं पर तत्काल मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही हेल्प डेस्क पर वर्ष 2003 की मतदाता सूची भी उपलब्ध कराई गई है। ताकि पुराने रिकॉर्ड का मिलान करने में आसानी रहे।
अधिकारियों के अनुसार, यहां मिलने वाली किसी भी शिकायत या सुधार संबंधी आवेदन को तुरंत डिजिटलाइज्ड कर संबंधित बूथ लेवल अधिकारी को भेजा जा रहा है, ताकि समयबद्ध और पारदर्शी निस्तारण हो सके। प्रशासन का कहना है कि हेल्प डेस्क की सक्रियता से मतदाताओं को फॉर्म भरने से लेकर दस्तावेज सत्यापन तक की पूरी प्रक्रिया में राहत मिल रही है। अभियान के दौरान होने वाली त्रुटियों पर भी त्वरित नियंत्रण रखा जा रहा है।

एसआईआर के संबंध में आवास विकास में लोगों से जानकारी लेते सिटी मजिस्ट्रेट सुरेश पाल। स्रोत प्रशा

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें