शनिवार को गांधी मैदान में कंबल वितरण समारोह में करीब ढाई हजार लोगों को सांसद धर्मेंद्र यादव ने कंबल बांटे।
सांसद श्री यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा गरीबों को कई योजनाओं के माध्यम से सेवा करने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि न केवल कंबल वितरण वल्कि समाजवादी पेंशन, कृषि बीमा योजना, किसान दुर्घटना बीमा योजना, कर्ज माफी योजनाओं के पात्र लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है।
इस मौके पर विधान परिषद सदस्य बनवारी सिंह यादव एवं शहर विधायक आबिद रजा खां सहित अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा भी कंबल वितरण किया गया। विधान परिषद सदस्य श्री यादव और शहर विधायक श्री रजा ने कहा कि कंबल देकर किसी गरीब की मदद नहीं की जा रही है वल्कि यह कंबल एक तोहफे के स्वरूप भेंट किए जा रहे हैं, इससे गरीबों के पूरे जाड़े की तो व्यवस्था नहीं हो सकती लेकिन कुछ राहत अवश्य मिलेगी। रिक्शा चालक एक ऐसा गरीब मजदूर है जिसकी आयु बढ़ने से उसकी आय समाप्त हो जाती है इसलिए प्रदेश सरकार ने उन्हें आटो रिक्शा दिए जाने का निर्णय लिया है। शीघ्र ही 600 आटो रिक्शा पात्र लोगों को दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि 25 करोड़ की लागत से आवासहीनों को आवास भी उपलब्ध कराए जाएंगे। सहसवान के विधायक ओमकार सिंह यादव, सुरेश पाल सिंह चौहान, हर प्रसाद सिंह पटेल, नरेश प्रताप सिंह ने अपने विचार व्यक्त किए। संचालन शुएल सिद्दीकी ने किया।
कंबल बंटे गांधी ग्राउंड में, जाम शहर में
बदायूं। यहां गांधी ग्राउंड में कंबल वितरण के समय ग्राउंड के रास्तों बंद कर दिया गया। रोड डायवर्जन के कारण शहर के मुख्य छह सड़का, जोगीपुरा रोड, सुभाष चौक, मम्मन चौक आदि आसपास के चौराहे और सड़कें बेहद भरकर चलीं। लावेला पर जाम नहीं लगने दिया गया। बाकी सभी मार्गों पर जाम ही जाम था।
नेताओं का स्वागत, मरीजों को लौटाया
लावेला से सकरी क्लीनिक को आने वाले मोड़ पर एक दरोगा ने तो अपनी पूरी हेकड़ी दिखाकर कार्यक्रम की भद्द पीटने में कोई कसर नही रखी। उसकी वजह से मरीजों को लिए रिक्शे भी लौट गए। वहीं नेताओं का मुस्करा-मुस्कराकर स्वागत करता रहा।
बंद गांधी ग्राउंड में बंटे कंबल
बिसौली में कंबल वितरण में घटी घटना से सतर्कता की हद का नजारा यहां देखने को मिला। गांधी ग्राउंड को कंबल वितरण के समय जंजीरें डालकर बंद कर लिया था। कंबल गरीबों को उदनकी सीट पर दे दिया गया। ये सूचीबद्ध गरीब थे। बाकी जो आए उनमें जो घुस सका या जिन्हें नेताओं ने इशारे से बुला लिया वे गरीब अंदर आ गए। इन्हें महात्मा गांधी की मूर्ति पार्क में कर दिया गया और एक-एक को निकालकर कंबल दिया जाता रहा। जब कंबल बंट रहे थे तो कुछ गरीब गेट पर रिरियाते भी दिखाई दिए। इन्हें कंबल लेने को अंदर प्रवेश नहीं मिल सका।