कासगंज से बरेली तक तीन पैसेंजर ट्रेनों का संचालन कराए जाने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने अपने ऐलान के मुताबिक बुधवार को कई स्थानों पर ट्रेनें रोककर प्रदर्शन किया। घटपुरी रेलवे स्टेशन के नजदीक पैसेेंजर ट्रेन को रोक दिया। उझानी और कछला में भी ट्रेन रोककर प्रदर्शन किया। पुलिस प्रशासन भी भाकियू वालों को आंदोलन से रोकने पाने में नाकाम रहा। अब भाकियू नेताओं ने अगले चरण के आंदोलन में रेल पटरी उखाड़ने की धमकी दी।
ट्रेनों का संचालन शुरू करने की मांग को लेकर भाकियू नेता 14 दिसंबर से मालवीय आवास पर धरना दे रहे थे। पुलिस-प्रशासन और रेलवे के अधिकारियों ने वार्ता करके भाकियू नेताओं को समझाया और आंदोलन का निर्णय टालने को कहा, जिसके लिए भाकियू तैयार नहीं हुई। बुधवार को कार्यकर्ता पुलिस-प्रशासन के अफसरों को चकमा देकर शहर के बजाय ग्रामीण क्षेत्र में ट्रेनें रुकवाने में कामयाब हो गए। घटपुरी, उझानी और कछला में ट्रेन रोकी गई। बीकेडी के अध्यक्ष राजेश सक्सेना के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने बरेली-कासगंज पैसेंजर को घटपुरी स्थिति रेलवे क्रॉसिंग मोहम्मदपुर के पास लाल झंडी दिखाकर रोक लिया। फिर रेल के इंजन पर चढ़कर जमकर नारेबाजी की। इसके बाद में एडीएम प्रशासन से मोबाइल से बात की गई। उनके कहने पर कार्यकर्ताओं ने ट्रेन को आगे बढ़ने दिया। ट्रेन रोकने की पहले से आरपीएफ को भनक तक नहीं लग सकी। वहीं, ट्रेन में चलने वाला एस्कॉर्ट मूकदर्शक बना रहा। कार्यकर्ताओं ने वहां पर जमकर नारेबाजी की। वहां से ट्रेन चले आने के बाद आरपीएफ मौके पर पहुंच सकी। प्रदर्शन करने वालों में साबिर हुसैन, आरिफ गाजी, पप्पू सैफी, बृजपाल प्रजापति, सतीश साहू, नूरउद्दीन, ओवैस रजा, काजिम अली, लाला शाह, वीरपाल सिंह, ऋषिपाल बाबाजी, अजयपाल आदि तमाम कार्यकर्ता मौजूद रहे।
उझानी और कछला में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने बरेली- कासगंज पैसेंजर ट्रेन को करीब आधा घंटा तक रोके रखा। इससे स्टेशन पर अफरातफरी का माहौल बना रहा। यूनियन के नेता भागमल चौधरी और गंगा सिंह शाक्य की अगुवाई में कार्यकर्ता दोपहर में रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए। उन्होंने बरेली से चलकर स्टेशन पर पहुंची पैसेंजर ट्रेन को रोक लिया। स्टेशन अधीक्षक एसके यादव समेत जीआरपी कर्मी उन्हें समझाने पहुंचे तो यूनियन के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारी पैसेंजर ट्रेन के आगे खड़े हो गए। उन्होंने बरेली-कासगंज के बीच नई ट्रेनें शुरू कराने के लिए स्टेशन अधीक्षक से बात की। कहा कि दो महीना पहले आंदोलन के दौरान रेलवे के अफसरों ने उन्हें ट्रेनों की संख्या बढ़ाने का भरोसा दिलाया था लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं की गई है। करीब आधा घंटा तक बरेली-कासगंज पैसेंजर ट्रेन को रोके रखे जाने के दौरान स्टेशन अधीक्षक ने प्रदर्शनकारियों को जब यह भरोसा दिलाया कि डीआरएम समेत उनके इज्जतनगर मंडल के पीआरओ को लोगों की दिक्कतों से अवगत करा दिया गया है। इसके बाद कार्यकर्ता ट्रेन के आगे से हट गए। इससे पहले कछला ब्रिज स्टेशन पर भी ट्रेन को रोका गया। प्रदर्शनकारियों में हरीश कुमार, आसिम उमर, नरोत्तम सिंह, रामकुमार शर्मा, दयाशंकर, दुर्वेंद्र चौहान, जुगेंद्र सिंह, सूरजपाल, शेरसिंह, मोरसिंह और प्रेमपाल आदि कार्यकर्ता शामिल थे।
रेलवे के अधिकारियों, स्थानीय प्रशासन से भाकियू नेताओं की बात हो गई है। भाकियू ने अन्य स्टेशनों पर ट्रेन रोकी हैं। मामले की जांच की जा रही है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
डीसी शुक्ला, आरपीएफ इंस्पेक्टर
किसानों की स्थानीय समस्याओं के निस्तारण के लिए गुरुवार को उनके साथ वार्ता की जाएगी, जिससे उनकी समस्याओं का निस्तारण किया जा सके। रेल रोकने पर उन लोगों को समझाकर ट्रेन का संचालन कराया गया।
अजय कुमार श्रीवास्तव, एडीएम प्रशासन