सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देते भाकियू चढूनी के पदधिकारी। स्रोत संगठन
- फोटो : कुत्ते के हमले में घायल शिव कुमारी।
बदायूं। केंद्र सरकार की प्रस्तावित व्यापार (ट्रेड) डील नीतियों के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) ने बृहस्पतिवार को मालवीय आवास गृह में पंचायत आयोजित कर विरोध जताया। पंचायत के बाद किसानों ने सिटी मजिस्ट्रेट को प्रधानमंत्री के नाम संबोधित आठ सूत्री ज्ञापन दिया।
जिलाध्यक्ष सतीश साहू ने कहा कि पहले से ही बढ़ती लागत, फसलों के उचित मूल्य की कमी, प्राकृतिक आपदाओं और कर्ज के बोझ से किसान परेशान हैं। ऐसे में यदि विदेशी कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में खुली छूट मिलती है, तो यह किसानों के लिए घातक साबित होगा। उन्होंने कहा कि भारत में खेती आजीविका का साधन है, जबकि विदेशों में यह व्यापार है। इससे सस्ते आयातित उत्पाद भारतीय किसानों की उपज के दाम गिरा देंगे।
किसानों ने आशंका जताई कि इन समझौतों से बहुराष्ट्रीय कंपनियों को बढ़ावा मिलेगा और कृषि क्षेत्र में निजीकरण व कॉर्पोरेट नियंत्रण बढ़ेगा। इससे किसानों की स्वतंत्रता और देश की खाद्य सुरक्षा दोनों प्रभावित होंगी। यादवेंद्र सिंह यादव ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने किसानों के हितों की अनदेखी कर ऐसे समझौते किए, तो किसान आंदोलन को मजबूर होंगे।