समर्थकों के साथ भाजपा एमएलसी वागीश पाठक। स्रोत- स्वयं
बदायूं। लंबे समय से न्यायालय में लंबित चल रहे 11 वर्ष पुराने चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के मामले में बड़ा फैसला आया है। विशेष अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एमपी-एमएल कोर्ट पुष्पेंद्र चौधरी की अदालत ने शनिवार को भाजपा नेता व वर्तमान एमएलसी वागीश पाठक सहित सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान बदायूं सीट से भाजपा प्रत्याशी रहे पाठक पर राजनीतिक द्वेषवश आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का मुकदमा दर्ज किया गया था। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों व गवाहों के बयान का परीक्षण करने के बाद पाया कि आरोपों को सिद्ध करने हेतु पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं।
इसके बाद अदालत ने वागीश पाठक समेत सभी आरोपियों पर लगे आरोप पूरी तरह से समाप्त करते हुए दोषमुक्त कर दिया। निर्णय की जानकारी मिलते ही वागीश पाठक के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। न्यायालय के बाहर बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने पाठक का जोरदार स्वागत किया और उन्हें फूल-मालाओं से लाद दिया।
निर्णय के बाद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए एमएलसी वागीश पाठक ने कहा कि वर्ष 2014 में तत्कालीन समाजवादी पार्टी की सरकार ने राजनीतिक द्वेष के चलते उनके खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कराए थे। उन्होंने कहा तत्कालीन सपा सरकार ने चुनाव में लाभ के लिए फर्जी मुकदमे, बूथ कैप्चरिंग और अनैतिक कार्यों का सहारा लिया।
स्वागत करने वालों में शैलेंद्र मोहन शर्मा, मनोज किशन गुप्ता, अरविंद शर्मा, संजीव पाराशरी, संदीप मिश्रा, विजय मिश्रा, सुमित कुमार, अमित मिश्रा, अश्वनी भारद्वाज, राघवेंद्र यादव आदि भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।